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नारनौल में ₹1.99 करोड़ की ठगी का 5वां आरोपी गिरफ्तार:फैक्ट्री लगाने और जमीन दिलाने का झांसा; मोहाली से दबोचा




महेंद्रगढ़ जिला पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने करीब 1.99 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 5वें आरोपी दमन कपूर निवासी मंडी (हिमाचल प्रदेश) को मोहाली (पंजाब) से गिरफ्तार किया है। आरोपी को कोर्ट में पेश कर तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया, जिसके दौरान उसने 5 लाख रुपए लौटाए, जबकि शेष 15 लाख रुपए वापस करने का लिखित एग्रीमेंट दिया। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया। फैक्ट्री लगाने का दिया झांसा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक फैजल खान ने बताया कि मामले की शिकायत 25 फरवरी 2026 को झगड़ौली निवासी विनोद कुमार ने दर्ज कराई थी, जो राजकीय आईटीआई नारनौल में प्रधानाचार्य हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार मीर सिंह, उसके पुत्र आशुतोष और उनके साथियों ने उन्हें अच्छी जमीन दिलाने, एमएसएमई योजना के तहत बैंक से लोन दिलवाने और फैक्ट्री स्थापित कराने का झांसा दिया। आरोपियों ने भरोसा दिलाया कि यदि जमीन नहीं मिली तो पूरी रकम ब्याज सहित लौटा दी जाएगी। जमीन में निवेश का लालच दिया शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपियों ने बाद में कोलकाता स्थित ‘एंजल इंडस्ट्री’ में निवेश का लालच भी दिया और बेहतर मुनाफे का दावा किया। जमीन, निवेश और अन्य योजनाओं के नाम पर शिकायतकर्ता और उसके परिवार से करीब 1 करोड़ 99 लाख रुपए ले लिए। जब रकम वापस मांगी गई, तो आरोपी संपर्क से बचने लगे और कथित रूप से जान से मारने व परिवार का अपहरण करने की धमकी भी दी। 20 लाख हुए थे ट्रांसफर जांच में सामने आया कि शिकायतकर्ता की दी गई राशि में से 20 लाख रुपए दमन कपूर के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे। पुलिस इससे पहले मीर सिंह, उसके पुत्र आशुतोष, राकेश और सुमित कुमार को गिरफ्तार कर चुकी है। अब दमन कपूर की गिरफ्तारी के साथ इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या पांच हो गई है। मुख्य आरोपी के खिलाफ 15 मामले पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपियों के खिलाफ महेंद्रगढ़ जिले में धोखाधड़ी के पांच मामले दर्ज हैं, जबकि हरियाणा के अन्य जिलों और पड़ोसी राज्यों में भी करीब 10 अन्य मुकदमे लंबित हैं। पुलिस आरोपियों की संपत्तियों, वित्तीय लेन-देन और कोलकाता स्थित कंपनी से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। साथ ही आमजन से अपील की गई है कि किसी भी प्रकार की आर्थिक या साइबर ठगी होने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर धनराशि की रिकवरी सुनिश्चित की जा सके।



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