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पंजाबी इंफ्लुएंसर मंजीत कौर की इलाज के दौरान मौत के बाद चंडीगढ़ पुलिस ने अपहरण और हत्या का मामला दर्ज किया है। मृतका की मां कांता देवी ने उसके दो जानकारों शुभी और पिंदा पर अपहरण कर जिंदा जलाने का आरोप लगाया है। दोनों की तलाश में पुलिस जुटी है। मां के मुताबिक, 3 जुलाई की देर रात दोनों ने मंजीत कौर को सेक्टर-34 स्थित शराब के ठेके के पास बुलाया। वहां से उसे गाड़ी में अगवा कर मोरिंडा के जंगल में ले गए। आरोप है कि वहां उसे पेड़ से बांधकर आग लगा दी। एक जानकार ने मौके पर पहुंचकर कंबल से आग बुझाई और उसे मोरिंडा अस्पताल पहुंचाया। बाद में उसे मोहाली के मैक्स अस्पताल से पीजीआई रेफर किया गया। 26 अगस्त को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। अब जानिए पूरा मामला … PGI में इलाज के दौरान आया होश: मंजीत कौर को 3 जुलाई की देर रात आग में झुलसी हालत में अस्पताल पहुंचाया गया था। पहले उसका मोरिंडा अस्पताल में इलाज हुआ। इसके बाद उसे मोहाली के मैक्स अस्पताल ले जाया गया, जहां कुछ दिन इलाज के बाद पीजीआई रेफर कर दिया गया। 9 जुलाई को उसे पीजीआई में भर्ती कराया गया। करीब एक महीने तक इलाज के बाद 5 अगस्त को मंजीत कौर को होश आया। इसके बाद उसने पुलिस को बुलाकर अपने बयान दर्ज कराने की इच्छा जताई थी। खरड़ पुलिस को दी सूचना: मंजीत कौर के होश में आने के बाद पीजीआई पुलिस चौकी की ओर से खरड़ सदर थाना पुलिस को इसकी जानकारी दी गई थी। जांच अधिकारी एएसआई लखविंदर सिंह को फोन पर बताया गया कि मंजीत कौर होश में है और उसके बयान दर्ज किए जा सकते हैं। आरोप है कि सूचना मिलने के बावजूद एएसआई लखविंदर सिंह बयान दर्ज करने पीजीआई नहीं पहुंचे। पीजीआई चौकी में इस संबंध में डीडीआर दर्ज होने की बात भी सामने आई है। हत्या के प्रयास का केस नहीं: मंजीत कौर को जिंदा जलाने की घटना 3 जुलाई की देर रात हुई थी। इसके बावजूद पंजाब पुलिस की ओर से करीब दो महीने तक हत्या के प्रयास का मामला दर्ज नहीं किया गया। इस दौरान मंजीत कौर अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझती रही। परिवार का आरोप है कि अगर समय रहते उसके बयान दर्ज किए जाते तो मामले की जांच में अहम सुराग मिल सकते थे। जानकारों पर लगाए आरोप: मंजीत कौर की मौत के बाद उसकी मां कांता देवी ने चंडीगढ़ पुलिस को शिकायत दी। उन्होंने आरोप लगाया कि मंजीत कौर को उसके दो जानकार शुभी और पिंदा ने फोन कर सेक्टर-34 स्थित शराब के ठेके के पास बुलाया था। इसके बाद दोनों उसे गाड़ी में बैठाकर मोरिंडा ले गए। वहां उसके साथ मारपीट की गई और उसे शहतूत के पेड़ से बांधकर आग लगा दी गई। कंबल डालकर बुझाई आग: मां के बयान के मुताबिक, आरोपियों ने मंजीत कौर को आग लगाने के बाद मौके से भाग गए। इसी दौरान उसका एक जानकार वहां पहुंच गया। उसने मंजीत कौर को आग की लपटों में देखा तो कंबल डालकर आग बुझाई। इसके बाद उसे इलाज के लिए मोरिंडा अस्पताल पहुंचाया गया। वहां से उसे मोहाली के मैक्स अस्पताल ले जाया गया और बाद में पीजीआई रेफर किया गया। 26 अगस्त मौत: करीब दो महीने तक अलग-अलग अस्पतालों में इलाज के बाद भी मंजीत कौर की हालत में सुधार नहीं हुआ। 26 अगस्त को पीजीआई में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मौत की सूचना के बाद पीजीआई चौकी की ओर से खरड़ सदर थाना पुलिस को रुक्का भेजा गया। इसके बाद पुलिस ने मामले में आगे की कार्रवाई शुरू की। चंडीगढ़ पुलिस ने की FIR: मंजीत कौर की मौत के बाद उसकी मां को लेकर खरड़ पुलिस के एएसआई लखविंदर सिंह सेक्टर-34 थाने पहुंचे। यहां कांता देवी के बयान दर्ज किए गए। चंडीगढ़ पुलिस ने शिकायत के आधार पर अपहरण और हत्या का मामला दर्ज कर लिया। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि मंजीत कौर का अपहरण क्यों किया गया और आरोपियों ने उसे आग के हवाले क्यों किया। शुभी-पिंदा की तलाश: मामले में नाम सामने आने के बाद चंडीगढ़ पुलिस दोनों आरोपियों शुभी और पिंदा की तलाश कर रही है। पुलिस उनके संभावित ठिकानों और संपर्क में रहने वाले लोगों की जानकारी जुटा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के समय दोनों के साथ कोई अन्य व्यक्ति भी मौजूद था या नहीं। मोरिंडा तक रेड़: पुलिस घटना से जुड़े सभी संभावित स्थानों की जानकारी जुटा रही है। सेक्टर-34 में जहां मंजीत कौर को बुलाया गया था और मोरिंडा में जहां उसे आग लगाने का आरोप है, वहां के सुरागों की जांच की जा रही है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है, ताकि आरोपियों की गतिविधियों का पता लगाया जा सके। सन्नी एंक्लेव में रहती थी: मंजीत कौर सन्नी एंक्लेव में रहती थी, जबकि उसकी मां कांता देवी और भाई पंचकूला के सेक्टर-19 में रहते हैं। घटना के बाद परिवार लगातार मंजीत कौर के इलाज को लेकर अस्पतालों के चक्कर काट रहा था। 26 अगस्त को उसकी मौत के बाद परिवार ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। एसएसपी चंडीगढ़ कंवरदीप कौर ने बताया कि शिकायत मिलते ही अपहरण और हत्या का मामला दर्ज किया गया है। मृतका की मां ने दो लोगों पर मंजीत कौर को सेक्टर-34 से अगवा कर मोरिंडा ले जाने और आग लगाने का आरोप लगाया है। आरोपियों की पहचान, घटना के पीछे का कारण और पूरी वारदात में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।
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चंडीगढ़ में इंफ्लुएंसर की मौत पर अपहरण-हत्या की FIR:पंजाब पुलिस ने नहीं की कार्रवाई, जानकारों पर लगाए आरोप, कंबल डालकर बुझाई आग
