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झुंझुनूं जिले की 19 नगरीय निकायों में 27 अगस्त से शुरू हुए चुनाव के लिए भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशी चयन कर रही हैं। दोनों दलों ने वार्डवार दावेदारों के पैनल और फीडबैक प्रदेश स्तर पर भेजे हैं। टिकट के लिए संगठन सक्रियता, जनाधार, सामाजिक-जातीय समीकरण और जीत की संभावना देखी जा रही है। नामांकन 31 अगस्त तक होंगे और 9 व 11 सितंबर को दो चरणों में मतदान होगा। 19 निकायों में प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया अंतिम दौर में झुंझुनूं जिले में नगर परिषद झुंझुनूं समेत 18 नगरपालिकाओं में पार्षद चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों दल अपने प्रत्याशियों के चयन की अंतिम प्रक्रिया में जुटे हुए हैं। जयपुर में प्रदेश स्तर पर चल रही बैठकों में जिले से भेजे गए पैनलों और फीडबैक पर मंथन किया जा रहा है। दोनों दल ऐसे उम्मीदवारों पर फोकस कर रहे हैं, जिनकी स्थानीय स्तर पर मजबूत पकड़ हो और जो चुनाव जीतने की क्षमता रखते हों। टिकट के लिए इन आधारों पर हो रहा फैसला सूत्रों के अनुसार टिकट वितरण में संगठन के प्रति सक्रियता, वार्ड में जनाधार, सामाजिक और जातीय समीकरण, पिछले चुनाव का प्रदर्शन और जीत की संभावना को प्रमुख आधार बनाया जा रहा है। कई वार्डों में एक से ज्यादा मजबूत दावेदार होने के कारण नामों पर विस्तार से चर्चा चल रही है। कांग्रेस में अब तक 1500 से ज्यादा और भाजपा में भी करीब 1500 से ज्यादा आवेदन आने की बात कही जा रही है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि शनिवार-रविवार या 28 अगस्त के बाद दोनों प्रमुख दल अपनी अधिकृत प्रत्याशी सूची जारी कर सकते हैं। कांग्रेस में झुंझुनूं, बगड़ और सुल्ताना पर देर रात तक मंथन कांग्रेस में झुंझुनूं नगर परिषद, बगड़ और सुल्ताना नगरपालिका को लेकर देर रात तक बैठकें चलीं। झुंझुनूं और सांसद निवास पर दावेदारों के नामों पर मंथन हुआ। जिले के प्रभारियों और स्थानीय नेताओं से प्रत्येक वार्ड की राजनीतिक स्थिति, दावेदारों की स्वीकार्यता और जीत की संभावना पर चर्चा की गई। पार्टी ऐसे दावेदार को टिकट देने पर विचार कर रही है, जिसकी स्थानीय स्तर पर मजबूत पकड़ हो। जिन वार्डों में मजबूत उम्मीदवार नहीं मिले, वहां दूसरे वार्डों के प्रभावशाली नेताओं को मैदान में उतारने जैसे विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है। कांग्रेस भाजपा की सूची पर भी नजर बनाए हुए है। सूची जारी होने के बाद कुछ वार्डों में रणनीति में बदलाव संभव है। सांसद बृजेंद्र सिंह ओला के कार्यालय माननगर में दावेदारों और उनके समर्थकों की मौजूदगी बनी हुई है। विधायक और वरिष्ठ नेता संभाल रहे अपने-अपने क्षेत्र पिलानी विधायक पितराम काला, श्रवण कुमार, डॉक्टर जितेंद्र सिंह, डॉ राजकुमार शर्मा, अमित ओला और मनीषा गुर्जर अपने-अपने विधानसभा इलाकों में सक्रिय हैं। रीटा चौधरी जिलाध्यक्ष के रूप में जिला स्तर पर कांग्रेस संगठन को संभाल रही हैं। कई निकायों के प्रभारी भी नियुक्त किए गए हैं। ये प्रभारी स्थानीय विधायकों, पूर्व विधायकों और वरिष्ठ नेताओं के साथ समन्वय कर रहे हैं। भाजपा में संगठन को प्राथमिकता भाजपा में संगठन पहले और उम्मीदवार बाद में की रणनीति अपनाई जा रही है। जिलाध्यक्ष हर्षिनी कुलहरी के नेतृत्व में सभी निकायों के लिए संयोजक-सहसंयोजक और चुनाव प्रबंधन समितियां घोषित की जा चुकी हैं। जिला संगठन प्रभारी कमल सिखवाल और सह प्रभारी मुकेश गोयल की भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विधायक राजेंद्र भाम्बू झुंझुनूं विधानसभा क्षेत्र की निकायों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। अन्य विधानसभा क्षेत्रों में भी संबंधित विधायक सक्रिय हैं। खेतड़ी और नवलगढ़ जैसे क्षेत्रों में भाजपा विधायक स्थानीय निकायों के टिकट वितरण और चुनावी रणनीति में शामिल हैं। पूर्व सांसद और वरिष्ठ नेता भी दावेदारों को लेकर फीडबैक दे रहे हैं। बगावत रोकने के लिए सीनियर लीडरशिप को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन निकायों में दावेदार नेताओं से कर रहे संपर्क नगर परिषद झुंझुनूं के अलावा चिड़ावा, खेतड़ी, पिलानी, नवलगढ़, मंडावा, मुकुंदगढ़, बगड़, सूरजगढ़, उदयपुरवाटी, बुहाना, सिंघाना, अलसीसर, डूंडलोद, बिसाऊ और मलसीसर समेत अन्य निकायों में टिकट दावेदार लगातार सांसद, विधायकों, विधायक प्रत्याशियों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से संपर्क बनाए हुए हैं। कई दावेदार अंतिम समय तक अपनी दावेदारी मजबूत करने के लिए संगठन पदाधिकारियों से मुलाकात कर रहे हैं। टिकट नहीं मिलने की स्थिति में कई वार्डों में निर्दलीय चुनाव लड़ने की चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं। इससे भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों की चिंता बढ़ी हुई है। सूची जारी होते ही तेज होगा प्रचार नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही अब भाजपा और कांग्रेस की प्रत्याशी सूची का इंतजार है। सूची जारी होते ही जिले की सभी 19 नगरीय निकायों में चुनाव प्रचार तेज होगा। प्रत्याशी घर-घर जनसंपर्क शुरू करेंगे। वहीं दोनों दल अपने-अपने पक्ष में माहौल बनाने के लिए चुनावी गतिविधियां तेज करेंगे। कई वार्डों में नए चेहरे उतरने की संभावना राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार इस बार झुंझुनूं जिले के कई वार्डों में मुकाबला रोचक रह सकता है। टिकट वितरण के बाद कई नए चेहरे चुनाव मैदान में उतर सकते हैं। वहीं कुछ पुराने पार्षदों के टिकट कटने की भी संभावना है। ऐसे में प्रत्याशी चयन चुनावी नतीजों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। जिले में कुल 4.35 लाख से ज्यादा मतदाता हैं। इनमें नगर परिषद झुंझुनूं में सबसे ज्यादा करीब 92,600 वोटर हैं। 31 अगस्त तक नामांकन, 9 और 11 सितंबर को मतदान नामांकन प्रक्रिया गुरुवार 27 अगस्त से शुरू हो चुकी है। नामांकन पत्र रोजाना सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक स्वीकार किए जा रहे हैं। नामांकन की अंतिम तारीख 31 अगस्त है। 1 सितंबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी। 3 सितंबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। 4 सितंबर को चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे। मतदान दो चरणों में होगा। पहले चरण में 9 सितंबर को नौ निकायों में मतदान होगा। इनमें नगर परिषद झुंझुनूं, बगड़, सुल्ताना, नवलगढ़, जाखल, मुकुंदगढ़, डूंडलोद, खेतड़ी और उदयपुरवाटी शामिल हैं। दूसरे चरण में 11 सितंबर को शेष दस निकायों में मतदान होगा। इनमें पिलानी, चिड़ावा, मंड्रेला, विद्याविहार, सूरजगढ़, सिंघाना, बुहाना, मंडावा, बिसाऊ और मलसीसर शामिल हैं।
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झुंझुनूं की 19 निकायों में भाजपा-कांग्रेस प्रत्याशी चयन अंतिम-चरण में:लिस्ट जारी होने का इंतजार; 31 अगस्त तक होगा नामांकन
