चंडीगढ़ | पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने हरियाणा के उच्चतर शिक्षा विभाग में तैनात एक्सटेंशन लेक्चरर्स को बड़ी राहत दी है। जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ की पीठ ने सेवा से हटाए जाने और दोबारा ड्यूटी पर लेने के बीच की अवधि का वेतन रोकने के सरकारी आदेशों को रद्द कर दिया है। डॉ. सुजाता व अन्य लेक्चरर्स ने हाई कोर्ट के संरक्षणात्मक आदेश के बावजूद सेवामुक्त किए जाने के खिलाफ याचिका दायर की थी। अवमानना याचिका के दौरान विभाग ने उन्हें पुन: ड्यूटी जॉइन कराई, लेकिन ‘काम नहीं तो वेतन नहीं’ का हवाला देते हुए बीच की अवधि का पारिश्रमिक देने से इनकार कर दिया। याचिकाकर्ताओं की दलील थी कि विभाग द्वारा काम से रोके जाने पर कर्मचारियों की गलती नहीं मानी जा सकती और समान परिस्थिति वाले अन्य लेक्चरर्स को बकाया भुगतान किया जा चुका है। सुनवाई के बाद कोर्ट ने वेतन रोकने के आदेश रद्द करते हुए सक्षम प्राधिकारी को 3 महीने में याचिकाकर्ताओं के दावे पर कानून के अनुसार फैसला लेने का निर्देश दिया है।
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एक्सटेंशन लेक्चरर्स का वेतन रोकने के आदेश रद्द
