विजय पाठक | अयोध्या4 मिनट पहले
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उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर भाजपा ने बूथ स्तर पर संगठन को और मजबूत करने की रणनीति बनाई है। अवध क्षेत्र में शक्ति केंद्रों की संख्या करीब 4 हजार से बढ़ाकर 5,932 कर दी गई है। अब एक शक्ति केंद्र संयोजक अधिकतम 5 बूथों की जिम्मेदारी संभालेगा। पहले एक संयोजक करीब 15 बूथों का प्रबंधन करता था।
पार्टी का मानना है कि बूथों की संख्या कम होने से संयोजक कार्यकर्ताओं और मतदाताओं के साथ ज्यादा बेहतर समन्वय कर सकेंगे। साथ ही बूथ स्तर पर संगठनात्मक गतिविधियों और चुनावी तैयारियों की निगरानी भी आसान होगी।

अयोध्या जिले में 37 शक्ति केंद्र बढ़े
अयोध्या जिले में भी शक्ति केंद्रों की संख्या बढ़ाई गई है। यहां पहले 256 शक्ति केंद्र थे, जिन्हें बढ़ाकर 293 कर दिया गया है। इन केंद्रों के जरिए जिले के 1,734 बूथों की निगरानी और प्रबंधन किया जाएगा। वहीं, अयोध्या महानगर में शक्ति केंद्र 56 से बढ़कर 85 हो गए हैं। यहां कुल 419 बूथ हैं। प्रत्येक शक्ति केंद्र पर एक संयोजक नियुक्त किया गया है।
चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने पर फोकस
भाजपा जिलाध्यक्ष राधेश्याम त्यागी ने शनिवार को बताया कि पार्टी का सांगठनिक ढांचा सर्वस्पर्शी, सर्वव्यापी और सर्वसमावेशी है। उन्होंने कहा कि संयोजकों को कम बूथों की जिम्मेदारी मिलने से वे बूथ स्तर पर ज्यादा प्रभावी तरीके से काम कर सकेंगे। पार्टी का लक्ष्य 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को जमीनी स्तर तक और मजबूत करना है।

