अलवर जिले में पिछले चार दिनों से मानसून की बेरुखी ने आमजन को बेहाल कर रखा है। शहर में सुबह 8 बजते ही उमस भरी गर्मी लोगों के पसीने छुड़ा रही है। हालांकि, बीच-बीच में चलने वाली हल्की ठंडी हवाओं से लोगों को पलभर की राहत जरूर मिलती है, लेकिन दिन चढ़ते ही
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जयसमंद सूखा, सिलीसेढ़ में सिर्फ 1.5 फीट पानी
जिले में इस बार मानसून की बारिश बेहद कम दर्ज की गई है, जिससे बड़े जल स्रोतों में पानी की आवक न के बराबर है। ऐतिहासिक जयसमंद बांध अब भी पूरी तरह सूखा पड़ा है, वहीं सिलीसेढ़ बांध का जलस्तर बेहद चिंताजनक है। करीब एक सप्ताह पहले हुई तीन दौर की अच्छी बारिश से सिलीसेढ़ में मात्र एक फीट पानी बढ़ा था। फिलहाल, इसमें कुल मिलाकर केवल डेढ़ फीट पानी ही आ पाया है।
फसलों के लिए संजीवनी बनी हल्की बूंदाबांदी
बीच-बीच में हुई हल्की बारिश ने खेतों में खड़ी फसलों को संजीवनी दी है, जिससे फिलहाल फसलें अच्छी स्थिति में हैं। हालांकि, कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि फसलों के बेहतर उत्पादन के लिए जल्द ही एक बार फिर तेज बारिश की सख्त दरकार है।

बादल छाए, पर तेज बारिश के आसार कम
रविवार सुबह से ही आसमान में बादलों का डेरा है और बारिश की उम्मीद बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में भी जिले में भारी बारिश की संभावना कम है, केवल हल्की बूंदाबांदी या मध्यम बौछारें ही पड़ सकती हैं। बांधों को भरने और उमस से स्थाई राहत पाने के लिए जिलेवासियों को अभी भी झमाझम बारिश का इंतजार है।
