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झारखंड में एच1एन1 स्वाइन फ्लू और एच3एन2 इन्फ्लूएंजा को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। स्टेट आईडीएसपी के नोडल पदाधिकारी प्रवीण कर्ण ने बताया कि सभी जिलों को संदिग्ध मरीजों के नमूने एकत्र कर जांच के लिए रिम्स और एमजीएम जमशेदपुर भेजने का निर्देश दिया गया है। शनिवार शाम तक सभी जिलों से नमूने भेजे जाने की स्पष्ट जानकारी नहीं थी। हालांकि, दैनिक भास्कर की पड़ताल में सामने आया कि करीब 5-6 जिलों में 30 से ज्यादा नमूने एकत्र किए जा चुके हैं, जिन्हें रविवार या सोमवार को संबंधित माइक्रोबायोलॉजी लैब में जांच के लिए भेजे जाने की तैयारी है। इधर, एच1एन1 और एच3एन2 को लेकर सतर्कता के बीच राजधानी के अस्पतालों की ओपीडी में फ्लू जैसे लक्षण वाले मरीजों की संख्या भी बढ़ी है। रिम्स के मेडिसिन और शिशु रोग विभाग की ओपीडी में सामान्य दिनों की तुलना में थोड़ी अधिक भीड़ रही। चिकित्सकों के अनुसार ओपीडी में आने वाले कुल मरीजों में करीब 30 से 35 प्रतिशत में फ्लू जैसे लक्षण देखे जा रहे हैं। सदर अस्पताल में भी मरीजों की भीड़ अधिक रही। निजी अस्पतालों की ओपीडी में भी फ्लू जैसे लक्षणों वाले मरीज पहुंच रहे हैं। एच1एन1 और एच3एन2 सामान्य वायरल फ्लू से कितना अलग रिम्स मेडिसिन विभाग के डॉ. आरटी गुड़िया के अनुसार, एच1एन1 और एच3एन2 दोनों इन्फ्लूएंजा ए वायरस के प्रकार हैं। एच1एन1 को आम बोलचाल में स्वाइन फ्लू कहा जाता है। वहीं एच3एन2 भी इन्फ्लूएंजा का एक प्रकार है और इससे भी बुखार, खांसी, गले में दर्द, सिरदर्द, बदन दर्द और थकान जैसे लक्षण हो सकते हैं। इसके मुकाबले सामान्य वायरल फ्लू कोई एक निश्चित वायरस नहीं है। सर्दी-जुकाम और फ्लू जैसे लक्षण कई अलग-अलग वायरस से हो सकते हैं। डेंगू के 100 से ज्यादा मरीज, मलेरिया के आंकड़े 20 हजार के करीब पहुंचे झारखंड में एच1एन1 और सामान्य वायरल संक्रमण के बीच मच्छरजनित बीमारियों का खतरा भी बना हुआ है। इस साल अब तक राज्य में डेंगू के 100 से ज्यादा मामलों की पुष्टि हो चुकी है। वहीं मलेरिया के करीब 20 हजार मरीज सामने आ चुके हैं। ऐसे में बुखार के मामलों में केवल फ्लू या वायरल संक्रमण मानकर चलना जोखिम भरा हो सकता है। लक्षण… डेंगू और मलेरिया के शुरुआती लक्षणों में तेज बुखार, बदन दर्द, कमजोरी और सिरदर्द जैसी शिकायतें हो सकती हैं। यही कारण है कि कई बार इनके लक्षण सामान्य वायरल बुखार या फ्लू से मिलते-जुलते नजर आते हैं। हालांकि, डेंगू में तेज बदन दर्द, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द और कुछ मामलों में प्लेटलेट कम होने जैसी स्थिति सामने आ सकती है। फ्लू से बचाव में मास्क और हाथों की सफाई जरूरी सिविल सर्जन डॉ. अमरेंद्र प्रसाद ने कहा कि एच1एन1, एच3एन2 और अन्य श्वसन संक्रमण से बचने के लिए भीड़भाड़ वाली जगहों पर सावधानी बरतना, हाथों को नियमित रूप से साबुन से धोना और खांसते-छींकते समय मुंह-नाक ढकना जरूरी है। सर्दी-बुखार को एच1एन1 मान डरने की जरूरत नहीं है, तेज या लगातार बुखार, सांस संबंधी परेशानी अथवा हालत बिगड़ने पर समय पर अस्पताल पहुंचना बेहद जरूरी है। डॉ. अमरेंद्र प्रसाद, सिविल सर्जन
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स्वास्थ्य विभाग ने संदिग्ध की निगरानी के आदेश दिए:बुखार, खांसी, सिरदर्द जैसे लक्षण… रिम्स ओपीडी आने वाले 35 प्रतिशत मरीज बढ़े
