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पंजाब में ग्राउंडवाटर संकट पर AAP का बड़ा दावा:बलतेज पन्नु बोले- 4 साल में 163% से घटकर 152% पर आई भूजल दोहन की दर




आम आदमी पार्टी पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने सोमवार को दावा किया कि भगवंत मान सरकार की नीतियों से राज्य के दशकों पुराने ग्राउंडवाटर संकट में सुधार दिखने लगा है। उन्होंने सेंट्रल ग्राउंडवाटर बोर्ड के ताज़ा मूल्यांकन का हवाला देते हुए कहा कि नहरों का नेटवर्क मजबूत करने और नहरी पानी का इस्तेमाल बढ़ाने से पंजाब के भूजल पर निर्भरता कम हुई है। 4 साल में 11.58% घटा भूजल दोहन बलतेज पन्नू ने बताया कि पंजाब में ग्राउंडवाटर निकालने का लेवल 2021-22 में 163.80% था, जो घटकर 2025-26 में 152.22% पर आ गया है। इस तरह 4 वर्षों में 11.58 प्रतिशत पॉइंट्स की कमी दर्ज की गई है। सालाना भूजल दोहन भी 28.01 बिलियन क्यूबिक मीटर से घटकर 26.32 बिलियन क्यूबिक मीटर हो गया है। 95 ब्लॉक में सुधार, 4 क्रिटिकल डार्क ज़ोन से बाहर पन्नू ने दावा किया कि पंजाब के 153 डार्क-जोन ब्लॉक्स में से 95 ब्लॉक्स में सुधार दर्ज किया गया है। गंभीर ब्लॉक्स की संख्या 10 से घटकर 6 रह गई है। 4 ब्लॉक क्रिटिकल श्रेणी से निकलकर ‘सुरक्षितॉ में आ गए हैं। इनमें फाजिल्का का अरनीवाला, फिरोजपुर का मक्खू, होशियारपुर का हाजीपुर और पठानकोट का नरोट जैमल सिंह शामिल हैं। नहरी पानी का इस्तेमाल 21% से बढ़कर 82% हुआ पन्नू ने कहा कि 2022 तक पंजाब में नहर के पानी का इस्तेमाल महज 21% था, जो अब बढ़कर 80% से 82% तक पहुँच गया है। मान सरकार ने 14,100 नहरों को चालू किया, 400 किमी से अधिक बंद नहरों को ठीक किया और 1,000 किमी से ज्यादा नहरों को पक्का किया है। इसी वजह से नहरी पानी से होने वाला रिचार्ज बढ़कर 5.5 बिलियन क्यूबिक मीटर हो गया है। वहीं पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि पुराने नेताओं ने खुद को पानी का रखवाला बताकर सिर्फ भाषण दिए और राजनीति की। अकाली, भाजपा और कांग्रेस जवाब दें कि जब वे सत्ता में थे, तब पंजाब के हक का नहरी पानी कहाँ जा रहा था। उन्होंने कहा कि राजनीतिक इच्छाशक्ति से ही पंजाब की भावी पीढ़ी को रेगिस्तान बनने से बचाया जा सकता है।



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