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नरवाना में महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन:चीनी के बढ़ते दाम और एथेनॉल नीति पर विरोध, प्रदर्शनकारी बोले- नहीं मिली ई-20 नीति से राहत




जींद जिले के नरवाना में जन संघर्ष मंच हरियाणा की जिला कमेटी ने चीनी के बढ़ते दामों और केंद्र सरकार की एथेनॉल नीति के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने खाद्यान्न को एथेनॉल उत्पादन में इस्तेमाल करने और पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण की नीति का विरोध किया। उन्होंने चीनी के दाम आधे करने, जमाखोरी व कालाबाजारी पर रोक लगाने और ई-20 नीति को वापस लेने की मांग की। मंच के पदाधिकारियों ने खाद्य अनाज, गन्ने और अन्य कृषि उत्पादों का एथेनॉल उत्पादन में उपयोग बंद करने की अपील की। रेल और बस का किराया कम करने की मांग इसके अतिरिक्त, उन्होंने दूध, सरसों का तेल, दाल और अनाज जैसी आवश्यक वस्तुओं को सरकारी राशन डिपो पर सस्ते दामों पर उपलब्ध कराने, राशन व्यवस्था का विस्तार करने, बस व रेल किराया आधा करने और न्यूनतम मजदूरी 1000 रुपए प्रतिदिन निर्धारित करने की भी मांग की। जन संघर्ष मंच के जिला प्रधान राजेश श्योकंद ने कहा कि चीनी के दामों में वृद्धि के लिए केंद्र सरकार की एथेनॉल नीति मुख्य रूप से जिम्मेदार है। उन्होंने आरोप लगाया कि गन्ने, चावल, मक्का और अन्य खाद्यान्नों का बड़े पैमाने पर एथेनॉल उत्पादन में उपयोग किया जा रहा है। ई-20 नीति लागू होने से नहीं मिली कोई राहत : श्योकंद श्योकंद ने यह भी बताया कि ई-20 पेट्रोल लागू होने के बावजूद आम जनता को पेट्रोल की कीमतों में कोई राहत नहीं मिली है, और कई वाहन मालिक माइलेज कम होने तथा पुराने वाहनों में इंजन संबंधी समस्याओं की शिकायत कर रहे हैं। जिला सचिव सत्यवीर सिंह ने बताया कि पिछले 20-25 दिनों में चीनी के दाम लगभग 19 रुपये प्रति किलो बढ़कर 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। इससे आम आदमी का रसोई बजट प्रभावित हुआ है। उन्होंने आशंका जताई कि इस वृद्धि का असर मिठाई, बेकरी और अन्य खाद्य पदार्थों की कीमतों पर भी पड़ सकता है। रसोई गैस सब्सिडी समाप्त करने की आलोचना उप-प्रधान सुरेश कुमार ने खाद्य सुरक्षा पर चिंता व्यक्त करते हुए जमाखोरी और कालाबाजारी पर अंकुश लगाने की मांग की। उन्होंने राशन डिपो पर सरसों के तेल की आपूर्ति बंद करने और रसोई गैस सब्सिडी समाप्त करने के लिए भी सरकार की आलोचना की। वित्त सचिव राजेश गोरा ने ठेकेदारी प्रथा और कर्मचारियों के आंदोलन को लेकर सरकार की आलोचना की। इस दौरान जोगिंदर बडनपुर, राजेश सुदकन, हवा सिंह और दिलबाग डोहाना खेड़ा समेत अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। प्रदर्शन में वेदपाल डोहाना खेड़ा, शमशेर, बिट्टू, भीष्म, सुरेश, दयानंद और चांदी राम सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।



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