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उत्तराखंड के हल्द्वानी कोतवाली में राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर के खिलाफ में मंगलवार को दरभंगा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पैदल मार्च निकाला। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICCI) के निर्देश पर जिलाध्यक्ष डॉ. जमाल हसन के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यालय से ब्रह्मस्थान, लहेरियासराय तक निकाले गए मार्च में बड़ी संख्या में पार्टी नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र और भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पैदल मार्च के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ‘राहुल गांधी पर दर्ज एफआईआर वापस लो’, ‘नरेंद्र मोदी मुर्दाबाद’, ‘राहुल गांधी जिंदाबाद’ और ‘कांग्रेस पार्टी जिंदाबाद’ जैसे नारे लगाए। पैदल मार्च के बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की तस्वीर को जलाकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष डॉ. जमाल हसन ने कहा कि कुछ दिनों पूर्व उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं की ओर से कार्यक्रम स्थल को गंगाजल से धोने की घटना सामने आई थी। उन्होंने इसे आपत्तिजनक और शर्मनाक बताते हुए कहा कि कांग्रेस ने इस घटना का देशभर में विरोध किया था। ‘राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ’ डॉ. जमाल हसन ने कहा कि राहुल गांधी ने भी कथित घटना और भाजपा की मानसिकता के खिलाफ आवाज उठाई। इसके बाद उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करना लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से राहुल गांधी या कांग्रेस कार्यकर्ता डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर इस मामले में चुप्पी साधने का आरोप लगाते हुए कहा कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में जिस तरह की कार्रवाई हो रही है,वह लोकतंत्र और सामाजिक सौहार्द के लिए चिंताजनक है। जिलाध्यक्ष ने मांग की कि राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर तत्काल वापस ली जाए और हल्द्वानी में खड़गे के कार्यक्रम के बाद कार्यक्रम स्थल को गंगाजल से धोने वाले लोगों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो कांग्रेस कार्यकर्ता भाजपा की कथित नफरत और विभाजनकारी राजनीति के खिलाफ सड़क से लेकर दिल्ली तक संघर्ष करेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लोकतंत्र, संविधान और सामाजिक न्याय की लड़ाई जारी रखेगी तथा किसी भी राजनीतिक दबाव या कार्रवाई से पार्टी के कार्यकर्ता पीछे नहीं हटेंगे। 29 अगस्त की प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर शिकायत जवाहर नगर निवासी और श्रीराम सेना धर्मार्थ सेवा समिति के सदस्य अमित कुमार ने 30 अगस्त को हल्द्वानी कोतवाली में शिकायत दी थी। इसमें आरोप लगाया गया कि राहुल गांधी ने 29 अगस्त को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हल्द्वानी के रामलीला मैदान में 11 अगस्त को हुए सफाई कार्यक्रम को लेकर असत्य और भ्रामक तथ्यों के आधार पर बयान दिए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इन बयानों से अनुसूचित जाति समाज में आक्रोश और भड़काव की स्थिति पैदा हुई। इन धाराओं में दर्ज हुई FIR पुलिस ने शिकायत और उपलब्ध इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर राहुल गांधी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और SC-ST एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। BNS धारा 196: अलग-अलग समूहों के बीच वैमनस्यता बढ़ाने से संबंधित। BNS धारा 294: जनभावनाओं या धार्मिक-सामाजिक मान्यताओं को ठेस पहुंचाने से संबंधित। SC-ST एक्ट की धारा 3(1)(r): अनुसूचित जाति के सदस्य के सार्वजनिक रूप से अपमान या उत्पीड़न से संबंधित।
मार्च में वरिष्ठ कांग्रेस नेता दयानंद पासवान, रामपुकार चौधरी, इंद्रकांत चौधरी, एहसान सिद्दीकी, प्रिंस परवेज, उदित नारायण चौधरी, राघवेंद्र कुंवर, अरशद खान, बसंत झा, शादाब अतिकी, बिमलेन्दु ठाकुर, एजाज खान, शिबली नोमानी, मो. अंसार हसन, लखन कुमार, मो. नौशाद अली, मो. शफी, मिथिलेश यादव और मो. वसीम अहमद सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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