मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारी।
गुरुग्राम पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस ने फर्जी Apple कस्टमर सर्विस के नाम पर अमेरिकी नागरिकों से ठगी करने वाले 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी गुरुग्राम के पालम विहार स्थित एक मकान में फर्जी कॉल सेंटर चला
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पुलिस ने आरोपियों से 9 लैपटॉप, 20 मोबाइल फोन, 2 हेडफोन/माइक, 2 कार, 1 बाइक और 1 स्कूटी बरामद की है। पुलिस थाना साइबर अपराध पश्चिम की टीम को जानकारी मिली थी कि प्लॉट नंबर 1208, जे ब्लॉक, पालम विहार में बिना इजाजत फर्जी कॉल सेंटर चल रहा है।

पुलिस ने फर्जी Apple कस्टमर सर्विस सेंटर से 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
11 आरोपियों को गिरफ्तार किया
इस जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर छापा मारा। इस दौरान आरोपी लैपटॉप, मोबाइल फोन और हेडफोन/माइक के जरिए X-Lite Dialler और Apple FaceTime पर अंग्रेजी भाषा में विदेशी नागरिकों से बात करते हुए मिले। पुलिस ने मौके से सभी 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम प्रितपाल सिंह, मोहम्मद रिजान अंसारी, चैतन्य गोयल, मनीष, शाहरुख अंसारी, संजीव पाण्डे, शिवम, आदित्य, दीपक त्रिवेदी, वरुण गौतम और नीरज हैं। पुलिस के अनुसार, प्रितपाल सिंह कॉल सेंटर में टीम लीडर के तौर पर काम करता था।
वायरस या तकनीकी समस्या का झांसा देते
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने करीब 2 से 3 महीने पहले मकान किराए पर लेकर यह कॉल सेंटर शुरू किया था। कॉल करने वालों को कमीशन के आधार पर रखा गया था, जबकि सेंटर का संचालन कोई और व्यक्ति कर रहा था।
पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी अमेरिकी नागरिकों को Apple कस्टमर सर्विस का कर्मचारी बनकर कॉल करते थे। वे मोबाइल में वायरस या तकनीकी समस्या होने का झांसा देकर उन्हें फर्जी वर्चुअल टोल-फ्री नंबर पर संपर्क करने को कहते थे।
10 हजार से 20 हजार अमेरिकी डॉलर तक ठगते थे
इसके बाद फेडरल ट्रेड कमीशन (FTC) के फर्जी पत्र का डर दिखाकर समस्या के समाधान के नाम पर उनसे 10 हजार से 20 हजार अमेरिकी डॉलर तक की रकम ठगते थे। ठगी की रकम विदेशी बैंक खातों में ट्रांसफर कराने के साथ-साथ गिफ्ट वाउचर और कार्ड के नंबर भी हासिल किए जाते थे।
मामले में साइबर अपराध पश्चिम थाने में BNS की धारा 318(4), 319, 61(2) तथा IT Act की धारा 43, 66D, 72 और 75 के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस अब कॉल सेंटर के संचालन से जुड़े अन्य लोगों और ठगी से जुड़े बैंक खातों की भी जांच कर रही है।
