ट्रैफिक जंक्शन से बैटरी चुराता हुआ चोर।
चंडीगढ़ में अलग-अलग जंक्शनों से पिछले एक महीने में 53 बैटरियां चोरी हो चुकी हैं। खास बात यह है कि कई वारदातों में चोर CCTV कैमरों में कैद हुए हैं। उनके ऑटो के नंबर तक रिकॉर्ड हुए हैं। इसके बावजूद अभी तक एक भी आरोपी पुलिस की गिरफ्त में नहीं आया है।
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इन मामलों में सबसे बड़ी परेशानी यह है कि पुलिस और नगर निगम के बीच शिकायत विभागीय प्रक्रिया में फंसी हुई है। कैमरों का ऑपरेशन और मेंटेनेंस करने वाली कंपनी बेल का कहना है कि पुलिस FIR के लिए संबंधित विभाग से पत्र लाने को कहती है। वहीं, निगम का कहना है कि कैमरों के ऑपरेशन और मेंटेनेंस की जिम्मेदारी कंपनी के पास है।

ताला तोड़ता हुआ चोर CCTV कैमरे में कैद।
अब विस्तार से पढ़ें पूरा मामला…
- ऑटो ड्राइवर की फुटेज मिली: करीब तीन महीने पहले इंडस्ट्रियल एरिया में लाइट प्वाइंट के पास कैमरों की बैटरी चोरी हुई थी। CCTV फुटेज में एक ऑटो जंक्शन के पास आकर रुकता दिखाई दिया। ऑटो से एक महिला उतरी और झाड़ियों की तरफ चली गई। इसके बाद वह वापस ऑटो में बैठी और ड्राइवर वहां से निकल गया। कंपनी ने पुलिस को शिकायत दी, जिसके बाद ऑटो ड्राइवर को पकड़कर पूछताछ की गई।
- पत्नी की तबीयत खराब होने की कहानी बताई: पूछताछ में ऑटो ड्राइवर ने पुलिस को बताया कि जंक्शन के पास उसकी पत्नी की तबीयत खराब हो गई थी। उसे उल्टी आ रही थी, इसलिए वह ऑटो से उतरकर झाड़ियों की तरफ गई थी। इसके बाद वह उसे इलाज के लिए PGI इमरजेंसी लेकर गया। बाद में इसी तरह की तीसरी चोरी सामने आने पर पता चला कि ऑटो ड्राइवर के साथ मौजूद महिला उसकी पत्नी नहीं, बल्कि गर्लफ्रेंड थी। केस दर्ज नहीं होने के कारण आरोपी बच गया।
- पुराने लेबर चौक पर 4 बैटरियां चोरी कीं: 21 जुलाई को एक ऑटो ड्राइवर पुराने लेबर चौक पर पहुंचा। उसने पहले ऑटो को घुमाकर दूसरी तरफ खड़ा किया। इसके बाद वह जंक्शन के पास गया और बैटरी बॉक्स को तोड़ दिया। उसने बॉक्स से चार बैटरियां निकालीं और उन्हें ऑटो में रख लिया।
- बैटरी निकालते ही कैमरा में बंद: आरोपी जब बॉक्स से बैटरियां निकाल रहा था, उसी दौरान जंक्शन का कैमरा बंद हो गया। हालांकि, कैमरा बंद होने से पहले आरोपी की तस्वीर, उसका ऑटो और उसमें रखी गई बैटरियां CCTV में रिकॉर्ड हो चुकी थीं। इसके बावजूद अभी तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
- ताला नहीं टूटा तो नया औजार लेकर आया: 12 अगस्त को सेक्टर-37/41 के चौक के पास एक युवक रात में बैटरी बॉक्स तोड़ने पहुंचा। उसने ताला तोड़ने की कोशिश की, लेकिन ताला नहीं टूटा। इसके बाद वह वहां से चला गया और नया औजार लेकर दोबारा आया। रात करीब 12 बजे उसने ताला तोड़ दिया। बॉक्स का गेट बंद करके वहां से चला गया।
- सुबह 5 बजे वापस आया: युवक सुबह करीब 5 बजे फिर उसी जगह पहुंचा। उसने बॉक्स खोला और तीन बैटरियां निकाल लीं। इसके बाद उसने बैटरियां झाड़ियों में फेंक दीं और वहां से चला गया। कुछ समय बाद वह वापस आया और झाड़ियों में छिपाकर रखी बैटरियां उठाकर फरार हो गया। अगले दिन कैमरे बंद मिले, तब चोरी का पता चला।
- एक महीने में 53 बैटरियां चोरी: कैमरों का ऑपरेशन और मेंटेनेंस करने वाली कंपनी के मुताबिक, ये केवल तीन मामले हैं। पिछले एक महीने में शहर के अलग-अलग जंक्शनों से कुल 53 बैटरियां चोरी हो चुकी हैं। कई मामलों में चोरों की CCTV फुटेज और वाहनों के नंबर पुलिस को दिए जा चुके हैं।
- FIR के बाद होगी कार्रवाई: कंपनी के अधिकारियों के मुताबिक, हर चोरी के बाद पुलिस को शिकायत और डीडीआर दी गई। पुलिस की ओर से कहा गया कि एफआईआर दर्ज होने के बाद ही आगे कार्रवाई होगी। इसके लिए संबंधित विभाग से पत्र लाने को कहा गया।
- ऑपरेशन-मेंटेनेंस कंपनी का काम: पुलिस के कहने पर कंपनी के अधिकारी नगर निगम पहुंचे। वहां से उन्हें बताया गया कि कैमरों के ऑपरेशन और मेंटेनेंस का काम कंपनी के पास है। इसलिए कंपनी अपने स्तर पर मामले को देखे। इसके बाद पुलिस और निगम के बीच शिकायतों को लेकर मामला उलझ गया।
- 7,500-12,500 रुपए तक की बैटरियां: कंपनी के मुताबिक, जंक्शन पर लगे कैमरों के सिस्टम में 65 एमएएच की बैटरी की कीमत करीब 7,500 रुपए, जबकि 84 एमएएच की बैटरी की कीमत करीब 12,500 रुपए है। बैटरी चोरी होने के बाद संबंधित जंक्शन के कैमरे बंद हो जाते हैं, जिससे सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था भी प्रभावित होती है।
तालमेल नहीं होने से केस दर्ज नहीं हो रहे
बेल के प्रवक्ता ने कहा कि चोरी की हर घटना के बाद पुलिस को शिकायत दी गई है। निगम और पुलिस के बीच तालमेल नहीं होने के कारण केस दर्ज नहीं हो पा रहे हैं। कंपनी की ओर से पुलिस को CCTV फुटेज और अन्य जानकारी भी उपलब्ध कराई गई है।
