![]()
मोहाली-चंडीगढ़ बॉर्डर पर किसानों के आंदोलन का आज दूसरा दिन है। पंजाब के 32 किसान संगठनों की ओर से सात दिन के पक्के मोर्चे के ऐलान के बाद किसानों की संख्या में और इजाफा हुआ। बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ मोर्चे पर पहुंच रहे हैं। किसानों की बढ़ती संख्या को देखते हुए चंडीगढ़ पुलिस ने भी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। आईसर इंस्टीट्यूट से जगतपुरा की तरफ आने वाले मार्ग पर पुलिस ने एक तरफ का रास्ता बंद कर दिया है। फिलहाल सड़क के एक हिस्से से ही दोनों ओर का ट्रैफिक निकाला जा रहा है। इसके चलते वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है। 32 किसान संगठनों के किसान पहुंचे मोर्चे पर पंजाब के 32 किसान संगठनों ने संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले सात दिन तक चंडीगढ़ बॉर्डर पर आंदोलन करने का ऐलान किया है। मंगलवार बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ मोहाली-चंडीगढ़ बॉर्डर पहुंचे थे। सेक्टर-48 के पास ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की संख्या बढ़ने के बाद पार्किंग की जगह कम पड़ गई। किसानों के मुताबिक, वे अपने मुद्दों को लेकर पहुंचे हैं। वहीं, पुलिस ने सेक्टर-48 की तरफ ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की आवाजाही रोकने के लिए बैरियर लगाए हैं। 20 हजार से ज्यादा किसानों के पहुंचने का दावा किसान नेता हरिंदर सिंह लखोवाल ने दावा किया कि मोर्चे में 20 हजार से ज्यादा किसान पहुंच चुके हैं। फेज-11 स्थित कैंडी होटल में किसान नेताओं की बैठक भी हुई, जिसमें आगे की रणनीति पर चर्चा हुई। फेज-11 से जगतपुरा तक सड़क के एक हिस्से पर बड़ी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉलियां खड़ी हैं। इसके चलते मोहाली से चंडीगढ़ जाने वाले मार्ग पर ट्रैफिक प्रभावित हुआ है। कई बड़े किसान नेता करेंगे संबोधित पक्के मोर्चे के दौरान किसान संगठनों के कई बड़े नेता मंच से किसानों को संबोधित करेंगे। इनमें बीकेयू-राजेवाल के अध्यक्ष बलबीर सिंह राजेवाल, बीकेयू-टोंग के अध्यक्ष हरविंदर सिंह रंधावा, बीकेयू-डकोंदा के अध्यक्ष बूटा सिंह बुर्जगिल, बीकेयू-कादियां के अध्यक्ष हरमीत सिंह कादियां, बीकेयू-मशहूर के अध्यक्ष रेशम सिंह और एसकेएम पंजाब के अध्यक्ष परमजीत सिंह समेत कई नेता शामिल हैं। इसके अलावा राजिंदर सिंह घुमान, कुलवंत सिंह राजेवाल और हरिंदर सिंह लखोवाल समेत अन्य किसान नेता भी मोर्चे में मौजूद हैं। सरकार से मांगों पर जवाब मांग रहे किसान किसान नेताओं ने कहा कि उनकी मांगों को लेकर सरकार को जवाब देना होगा। उन्होंने कहा कि किसानों के मुद्दों पर अब एक-एक मीटर का हिसाब देना होगा। आंदोलन में भारत-अमेरिका कृषि समझौते का विरोध, पानी से जुड़े मुद्दों का समाधान, नए कानूनों को लेकर मांगें और 500 रुपए प्रति क्विंटल की मांग प्रमुख रूप से उठाई जा रही है। किसान संगठनों का कहना है कि सात दिन के पक्के मोर्चे के दौरान सरकार पर मांगों को लेकर दबाव बनाया जाएगा।
Source link
चंडीगढ़ बॉर्डर पर पंजाब के किसानों का पक्का मोर्चा:ट्रैक्टर-ट्रॉलियां लेकर पहुंचे, आईसर-जगतपुरा रोड पर एक तरफ का रास्ता बंद; पुलिस ने सुरक्षा बढ़ाई
