![]()
अमेरिका के ब्रुकलिन के रेड हुक इलाके में जब दो बिल्डर्स-आर्किटेक्ट बेन क्रोन और ऑस्ट्रियाई आर्टिस्ट फिलिप सुल्क-ने चार लक्जरी टाउनहाउस बनाने की योजना बनाई, तो उनके सामने एक अनोखी चुनौती खड़ी हो गई। जमीन के उस टुकड़े पर 6 मंजिल ऊंचा, 100 साल पुराना ‘सिल्वर मेपल’ का विशाल पेड़ खड़ा था। जहां आम डेवलपर्स पेड़ काटने में देर नहीं लगाते, वहीं सुल्क ने साफ कह दिया, ‘पेड़ नहीं कटेगा, भले ही प्रोजेक्ट रुक जाए।’ उनके लिए इस बुजुर्ग पेड़ को बचाना बहुत ही भावुक फैसला था। यह 6 मंजिल ऊंचा पेड़ जमीन पर लगभग 20 फीट के दायरे में अपनी जड़ें फैलाए हुए था, जिससे निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा था। पेड़ को नुकसान पहुंचाए बिना कंस्ट्रक्शन पूरा करने के लिए डेवलपर्स-आर्किटेक्ट बेन क्रोन और फिलिप सुल्क-ने कई उपाय आजमाए। प्रत्येक टाउनहाउस की तीन मंजिलें नौ फुट के अतिरिक्त भाग पर टिकी हुई हैं। ड्राइववे को इस तरह से बनाया गया था कि उसमें पानी का अनावश्यक रिसाव न हो, ताकि पेड़ को भरपूर पानी मिल सके। इस पूरे जतन और इंजीनियरिंग कसरत में लगभग करीब 3.3 करोड़ रुपए का अतिरिक्त खर्च आया। आज 33-39 डाइकमैन स्ट्रीट पर बनकर तैयार हो चुका हर एक टाउनहाउस 2,800 वर्ग फुट का है, जिसके अंदर विशाल लकड़ी के बीम दिखाई देते हैं, पीछे से रेड हुक बंदरगाह का नजारा दिखता है, और मास्टर बेडरूम से सटे टेरेस पर इचिनेशिया और ब्लैक-आईड सुसान के फूल लगे हैं। हियर इन्हें लगभग करीब 38 करोड़ रुपए प्रति घर की कीमत पर बेचने की योजना बना रहे हैं। ये टाउनशिप प्रकृति और आधुनिक वास्तुकला का ऐसा अनूठा संगम है। इसका अनूठा प्रयोग साबित करता है कि अगर कोशिश की जाए तो प्रकृति और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता और आधुनिक विकास साथ-साथ चल सकते हैं। पेड़ को बचाने के लिए बिल्डर्स ने कई खर्चीले उपाय आजमाए कैंटिलीवर डिजाइन – मकान के अगले हिस्से की नींव जमीन पर टिकाने के बजाय स्टील बीम्स का इस्तेमाल कर उसे जड़ों के ऊपर हवा में लटकाया गया। डीप टनलिंग – सीवर और पानी की लाइनों को जड़ों के बहुत नीचे से गुजारा गया ताकि उन्हें कोई नुकसान न पहुंचे। पर्यावरण सुरक्षा – निर्माण के दौरान इमारत में बने चिड़ियों के घोंसलों को बचाने के लिए प्लाईवुड के छोटे शेल्टर बनाए गए।
Source link
पेड़ की जड़ों को छुए बिना स्टील बीम पर टाउनहाउस:100 साल पुराने मेपल ट्री को बचाने बदला टाउनशिप का डिजाइन; 3.3 करोड़ एक्स्ट्रा खर्च
