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जबलपुर में वर्ष 1904 में स्थापित पंडित लज्जा शंकर झा शासकीय मॉडल हाई स्कूल में 66वां जन्माष्टमी महोत्सव मनाया गया। लगभग 1960 से लगातार आयोजित हो रहे इस पर्व में विद्यार्थियों ने श्रीकृष्ण की बाल-लीलाओं पर आधारित 24 झांकियों के साथ नृत्य और भजनों की प्रस्तुतियां दीं। इस अवसर पर मटकी फोड़ प्रतियोगिता भी हुई। जेल में जन्म से गोलोक गमन तक की लीलाएं समारोह के दौरान हर कक्षा में श्रीकृष्ण की लीलाओं पर आधारित अलग-अलग दृश्य सजाए गए थे। झांकियों की शुरुआत मथुरा की जेल के दृश्य से हुई, जहां देवकी की गोद में बालकृष्ण और कंस के साथ वासुदेव का संवाद दर्शाया गया। इसके बाद उफनती यमुना पार कर वासुदेव द्वारा बालकृष्ण को गोकुल पहुंचाने का दृश्य दिखाया गया। विद्यार्थियों ने श्रीकृष्ण के जन्म से लेकर कंस वध और गोलोक गमन तक की विभिन्न लीलाओं का लीलाओं का मंचन किया। आयोजन के लिए बच्चों को अलग-अलग झांकियों और विषयों की जिम्मेदारी दी गई थी। उन्होंने अपनी पसंद के अनुसार हफ्तों तक तैयारी की थी। मटकी फोड़ में 5 टीमों ने लिया हिस्सा दोपहर करीब 3 बजे मटकी फोड़ प्रतियोगिता शुरू हुई। इसमें 5 टीमों ने हिस्सा लिया और मटकी फोड़ी। इस दौरान दर्शकों ने तालियां बजाकर बच्चों का उत्साह बढ़ाया। शाम 5 बजे से मुख्य कार्यक्रम शुरू हुआ, जो बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी के कारण देर शाम साढ़े 7 बजे के बाद तक चला। कार्यक्रम में हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया, सेवानिवृत्त न्यायाधीश श्रवण शंकर झा, न्यायाधीश आनंद पाठक, विधायक अशोक रोहाणी और लखन घनघोरिया मौजूद रहे।
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शासकीय मॉडल स्कूल जबलपुर में 66वां जन्माष्टमी महोत्सव:हर कक्षा बनी कृष्ण की नगरी; विद्यार्थियों ने पेश कीं 24 जीवंत झांकियां, मटकी फोड़ प्रतियोगिता भी हुई
