![]()
पंजाब और हरियाणा के बीच भैंसों के दूध को लेकर विवाद छिड़ गया है। पटियाला के रहने वाले बाबा पंजाब सिंह ने झज्जर के गांव मडोठी के छोटा दलाल अपनी-अपनी भैंस के ज्यादा दूध देना का दावा कर रहे हैं। छोटा दलाल ने दावा किया है कि उसकी भैंस महारानी ने आल इंडिया 34 किलो 846 ग्राम दूध देने का रिकॉर्ड बनाया है। जो इस रिकॉर्ड को तोड़ेगा उसको 1 करोड़ 10 लाख इनाम दिया जाएगा। इंस्टा पर वीडियो अपलोड होने के बाद पशु पालक बाबा पंजाब सिंह ने इस चैलेंज को स्वीकार करते हुए कहा कि वह मुकाबले के लिए तैयार है। छोटा दलाल की भैंस के दूध को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं कि जो मुकाबला उसे जीता है वो आर्गेनिग तरीके से नहीं जीता है। बाबा पंजाब सिंह के चैलेंज असेप्ट करने के बाद छोटा दलाल ने फिर से वीडियो डालकर कहा कि अगर पंजाब सिंह मुकाबले में आना चाहते हैं तो अपनी भैंस लेकर हरियाणा आ जाएं। वो उनको 1 करोड़ 11 लाख रुपए देंगे अगर जीत गए तो। हालांकि सोशल मीडिया पर वीडियो में चली कई तरह की बहस के बाद बाबा पंजाब सिंह ने मुकाबले से हटने का फैसला लिया है। बाबा ने कहा कि मुकाबले की उनकी शर्तें थी जिसे छोटा दलाल ने नहीं माना है। मैं इसे खेल भावना से खेलना चाहता था। मुकाबला साझी जगह होना चाहिए था लेकिन हरियाणा भैंस लेकर नहीं जाऊंगा।
5 पाइंट में जानें बाबा पंजाब सिंह ने क्या कहा छोटा दलाल ने कही थी ये बातें पंजाब सिंह की भैंसों का रिकॉर्ड और खासियत बाबा पंजाब सिंह के ‘मस्तानी डेयरी फार्म’ में मुख्य रूप से नीली रावी और मुर्राह नस्ल की भैंसें पाली जाती हैं। उनके फार्म की प्रमुख टॉप-मिल्कर भैंसों का दूध उत्पादन 25 किलोग्राम से लेकर 30+ किलोग्राम प्रतिदिन तक दर्ज किया गया है। बाबा पंजाब सिंह अपने सोशल मीडिया पर भैंसों की निष्पक्ष थन-चोई (लाइव मिल्किंग) दिखाते हैं, जिसमें उनकी भैंसों का भारी-भरकम दूध रिकॉर्ड और बेहतरीन नस्ल (ब्रीड क्वालिटी) देखने को मिलती है। छोटा दलाल और बाबा पंजाब सिंह दोनों मुकाबले करवाते हैं हरियाणा के झज्जर जिले के मांडोठी गांव के रहने वाले छोटा दलाल और पंजाब के पटियाला (समाना) के रहने वाले बाबा पंजाब सिंह (मस्तानी डेयरी फार्म) उत्तर भारत के नामचीन और प्रगतिशील पशुपालक हैं। छोटा दलाल को देश की सर्वश्रेष्ठ मुर्राह नस्ल की कटड़ियों-भैंसों को निखारने और उनके दूध का रिकॉर्ड कायम करने के लिए जाना जाता है, वहीं बाबा पंजाब सिंह अपनी मस्तानी डेयरी फार्म की उच्च नस्ल की नीली रावी और मुर्राह भैंसों के लाइव मिल्क रिकॉर्ड और डेयरी फार्मिंग की वजह से फेमस हैं। हरियाणा लाइवस्टॉक डेवलपमेंट बोर्ड के मुकाबले में बनाया रिकॉर्ड हरियाणा लाइवस्टॉक डेवलपमेंट बोर्ड (HLDB) द्वारा आयोजित दूध प्रतियोगिता नॉर्थ इंडिया में पशुपालकों के लिए सबसे प्रतिष्ठित नेशनल लेवल का प्लेटफॉर्म माना जाता है। इसमें पशुओं का दूध सरकारी डॉक्टरों और अधिकारियों की मौजूदगी में दिन में 3-4 बार नापा जाता है और औसत दूध उत्पादन के आधार पर रिकॉर्ड दर्ज किया जाता है। हाल ही में आयोजित प्रतियोगिताओं में हरियाणा और पंजाब के पशुपालकों ने अपने रिकॉर्ड दर्ज कराए हैं। इसमें छोटा दलाल की भैंस महारानी ने 34 किलो से ज्यादा का रिकॉर्ड बनाया था। पंजाब सिंह की भैंसों का रिकॉर्ड और खासियत
बाबा पंजाब सिंह के मस्तानी डेयरी फार्म में नीली रावी और मुर्राह नस्ल की भैंसें पाली जाती हैं। उनके फार्म की प्रमुख टॉप-मिल्कर भैंसों का दूध उत्पादन 25 किलोग्राम से लेकर 30+ किलोग्राम तक का रहा है। बाबा पंजाब सिंह अपने सोशल मीडिया पर भैंसों की थन-चोई (लाइव मिल्किंग) दिखाते हैं, जिसमें उनकी भैंसों का भारी-भरकम दूध रिकॉर्ड और ब्रीड क्वालिटी देखने को मिलती है।
Source link
पंजाब-हरियाणा में भैंसों के दूध रिकॉर्ड पर छिड़ा विवाद:पशुपालकों ने एक-दूसरे को किया चैलेंज, नियम शर्तों पर नहीं बनी बात; पंजाब सिंह मुकाबले से हटे
