Headlines

गयाजी- अफसर ट्रेनिंग अकादमी में पासिंग आउट परेड:देश को मिले 253 नए अफसर, कंधों पर सितारे लगने के बाद झूमे कैडेट्स




गया के अफसर ट्रेनिंग अकादमी (ओटीए) में शनिवार को शॉर्ट सर्विस कमीशन (टेक्निकल एंट्री) पुरुष और महिला के चौथे बैच की पासिंग आउट परेड का आयोजन हुआ। परेड के बाद 253 अफसर कैडेट भारतीय सेना का हिस्सा बन गए। इनमें एसएससी (टेक्निकल) पुरुष-65 के 218 और एसएससी (टेक्निकल) महिला-36 की 35 अफसर कैडेट शामिल रहीं। महीनों की कड़ी ट्रेनिंग के बाद कैडेटों ने सेना में अधिकारी के रूप में नई पारी शुरू की। परेड का समीक्षा अधिकारी वियतनाम पीपुल्स आर्मी के जनरल स्टाफ के उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल ले वान हुओंग रहे। उनके सामने अफसर कैडेटों ने शानदार ड्रिल का प्रदर्शन किया। कदम से कदम मिलाकर कैडेट आगे बढ़े। अनुशासन और तालमेल देखते ही बन रहा था। पूरा परिसर सैन्य जोश से भर गया। परेड की कमान अकादमी अंडर ऑफिसर पी शशि कुमार ने संभाली। ट्रेनिंग के दौरान उनके शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें स्वॉर्ड ऑफ ऑनर दिया गया। उन्होंने समग्र योग्यता क्रम में पहला स्थान हासिल किया है। उन्हें स्वर्ण पदक भी मिला है। पी शशि कुमार को गोरखा राइफल्स में कमीशन मिला। पासिंग आउट परेड के बाद कैडेट्स के जश्न की तस्वीरें वहीं दूसरे स्थान पर बटालियन अंडर ऑफिसर दीपक सिंह रावत रहे। उन्हें रजत पदक मिला। उन्हें राजपूत रेजिमेंट में कमीशन दिया गया। वहीं अकादमी कैडेट एडजुटेंट नवनीत सिंह तीसरे स्थान पर रहे। उन्हें कांस्य पदक मिला। नवनीत सिंह को पैरा स्पेशल फोर्सेस में कमीशन मिला। कालीधर कंपनी बनी ओवरऑल चैंपियन ट्रेनिंग के दौरान बेहतर प्रदर्शन के लिए कालीधर कंपनी को समग्र चैंपियन कंपनी चुना गया। कंपनी को थल सेनाध्यक्ष बैनर प्रदान किया गया। इस उपलब्धि से कंपनी के कैडेटों में खुशी की लहर है। समीक्षा अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल ले वान हुओंग ने नए अधिकारियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि बदलते युद्धक्षेत्र के साथ सेना के अधिकारियों को भी खुद को लगातार अपडेट करना होगा। तकनीक तेजी से बदल रही है। ऐसे में नए अधिकारियों को नई तकनीकों में दक्ष होना होगा। उन्होंने अधिकारियों से नवाचार अपनाने और अपने ज्ञान को लगातार बढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सेना के अधिकारियों को उद्देश्यपूर्ण और दूरदर्शी नेतृत्व विकसित करना चाहिए। शांति हो या युद्ध। हर परिस्थिति में जिम्मेदारी के साथ काम करना होगा। कंधे पर सितारे सजे तो छलक पड़ा परिवार का गर्व परेड के बाद पिपिंग समारोह सबसे भावुक पल रहा। जब नए अधिकारियों के कंधों पर सितारे सजे तो परिवारों की आंखों में खुशी साफ दिखी। जिन बच्चों को परिवार ने बचपन से बड़ा होते देखा। आज वे सेना में अधिकारी बन चुके थे। बिगुल की धुन के बीच पिपिंग समारोह हुआ। इसके बाद पूरा परिसर ‘भारत माता की जय’ के नारों से गूंज उठा। परिवारों ने अपने बेटों और बेटियों की इस उपलब्धि को गर्व के साथ देखा। अकादमी एडजुटेंट लेफ्टिनेंट कर्नल प्रखर धागट ने नव-कमीशन प्राप्त अधिकारियों को राष्ट्रसेवा और सत्यनिष्ठा की शपथ दिलाई। शपथ के साथ ही 253 यंग अफसरों ने भारतीय सेना में नई जिम्मेदारी संभाली। अब इन अधिकारियों के कंधों पर सिर्फ सितारे नहीं हैं। देश की सुरक्षा और सम्मान की जिम्मेदारी भी है। ओटीए गया से निकले ये अधिकारी सेना की अलग-अलग रेजिमेंट और शाखाओं में अपनी सेवाएं देंगे।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *