![]()
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने बच्चे के जन्म प्रमाणपत्र में पिता का नाम बदलने को लेकर आज अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि मां या पिता की दूसरी शादी से बच्चे के जन्म प्रमाणपत्र में दर्ज उसके जैविक पिता का नाम नहीं बदला जा सकता। कोर्ट ने कहा कि शादी, तलाक या दूसरी शादी जैसी बाद की घटनाओं से बच्चे के जन्म के समय दर्ज जानकारी नहीं बदलती। जन्म प्रमाणपत्र में बच्चे के जन्म और उसके माता-पिता की सही जानकारी दर्ज होती है। अदालत के मुताबिक, बच्चे के जन्म के समय जो जैविक तथ्य थे, उन्हें बाद में हुई किसी घटना के आधार पर बदला या खत्म नहीं किया जा सकता। यानी माता-पिता की शादी या तलाक की स्थिति बदलने से बच्चे के जैविक माता-पिता की पहचान नहीं बदलती। 5 पॉइंट में पढ़ें मामला… जन्म प्रमाणपत्र में बदलाव से इनकार हाईकोर्ट ने कहा कि जन्म प्रमाणपत्र में दर्ज तथ्यों को किसी बाद की घटना के आधार पर समाप्त नहीं किया जा सकता। संबंधित सभी पक्षों को जन्म के समय दर्ज इन तथ्यों को स्वीकार करना होगा। इन सभी परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने याचिका में हस्तक्षेप करने का कोई आधार नहीं पाया और महिला की याचिका खारिज कर दी। इसके साथ ही बच्चे के जन्म प्रमाणपत्र में उसके जैविक पिता का नाम बदलकर मां के दूसरे पति का नाम दर्ज करने की मांग भी स्वीकार नहीं की गई।
Source link
दूसरी शादी से पिता का नाम नहीं बदलेगा:हाईकोर्ट ने कहा- डॉक्यूमेंट में बच्चे की सही जानकारी, बाद की घटना से खत्म नहीं होगी
