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सुकमा जिले में पिछले कुछ दिनों से जंगल में बब्बर शेर देखे जाने की खबरें सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रही थीं। पूसपाल थाना क्षेत्र के बालेरास और कोडरीपाल के बीच जंगल में शेर होने का दावा करते हुए कई फोटो और वीडियो शेयर किए गए। इससे आसपास के ग्रामीणों में डर का माहौल बन गया था। हालांकि, वन विभाग ने इन दावों की जांच के बाद सुकमा में बब्बर शेर की मौजूदगी की पुष्टि नहीं होने की बात कही है। जांच में नहीं मिला शेर की मौजूदगी का प्रमाण वन विभाग के मुताबिक, सोशल मीडिया पर प्रसारित फोटो और वीडियो की जानकारी मिलने के बाद संबंधित क्षेत्र में जांच कराई गई। जांच के दौरान बब्बर शेर की मौजूदगी से जुड़ा कोई प्रमाण नहीं मिला। विभाग ने लोगों से अपील की है कि बिना पुष्टि के किसी भी वन्यजीव संबंधी फोटो, वीडियो या जानकारी को सोशल मीडिया पर साझा न करें। इससे ग्रामीणों में अनावश्यक डर और भ्रम पैदा हो सकता है। AI से बनी तस्वीरें वायरल होने की आशंका वन विभाग ने बताया कि सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही कुछ तस्वीरें AI से बनाई गई या फर्जी हो सकती हैं। इनमें शेर को जंगल और गांवों के आसपास दिखाकर इन्हें सुकमा का बताया जा रहा था। विभाग का कहना है कि ऐसी सामग्री की वजह से लोगों में बेवजह दहशत फैल रही है। वन विभाग के अनुसार, एशियाई बब्बर शेर मुख्य रूप से गुजरात के गिर क्षेत्र में पाए जाते हैं। ऐसे में सुकमा में बब्बर शेर देखे जाने का दावा असामान्य है। हालांकि, वन्यजीवों से संबंधित किसी भी सूचना को बिना जांच के खारिज या प्रसारित करने के बजाय उसकी पुष्टि करना जरूरी है। फर्जी फोटो-वीडियो फैलाने पर कार्रवाई संभव वन विभाग ने चेतावनी दी है कि AI से बनाई गई अथवा किसी भी तरह की फर्जी फोटो या वीडियो तैयार कर उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करना कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है। लोगों से वन्यजीवों से जुड़ी अफवाहों पर भरोसा नहीं करने और किसी संदिग्ध वन्यजीव की जानकारी मिलने पर तुरंत वन विभाग को सूचित करने की अपील की गई है।
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सुकमा के जंगल में ‘बब्बर शेर’ की खबर निकली अफवाह:बालेरास-कोडरीपाल के बीच शेर होने का दावा खारिज, वन विभाग ने कहा- फोटो-वीडियो फर्जी
