![]()
वाराणसी की खुशी कपूर ने श्रीलंका के कोलंबो में हुई 40वीं इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑफ सीए स्टूडेंट्स में भारत का प्रतिनिधित्व कर देश और बनारस का नाम रोशन किया है। रविवार को श्रीलंका से इंडिगो के विमान से लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचने पर परिजनों और शुभचिंतकों ने ढोल-नगाड़ों और फूल-मालाओं के साथ उनका जोरदार स्वागत किया। साफा (SAFA) स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत चुने गए भारतीय प्रतिनिधिमंडल में खुशी कपूर को ‘स्टूडेंट पैनल डिस्कशन’ के लिए भारत की मुख्य पैनलिस्ट के रूप में चुना गया था। इस सम्मेलन में श्रीलंका, नेपाल, बांग्लादेश और पाकिस्तान के छात्र प्रतिनिधियों के बीच खुशी ने सीए विद्यार्थियों के करियर, पेशेवर विकास और दक्षिण एशिया के आर्थिक भविष्य पर अपने विचार रखे। चर्चा के दौरान खुशी ने काशी की प्राचीन ज्ञान-परंपरा का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काशी विकास मॉडल का संदर्भ दिया। उन्होंने आचार्य कौटिल्य के कूटनीतिक और आर्थिक विचारों को आज के युवाओं के नेतृत्व कौशल से जोड़ा। वैश्विक मंच से अपनी बात रखते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं का लक्ष्य केवल ‘बिग फोर’ (दुनिया की चार प्रमुख ऑडिट कंपनियां) में नौकरी पाना नहीं होना चाहिए, बल्कि सोच यह होनी चाहिए कि “दक्षिण एशिया से अपना खुद का ‘बिग फोर’ कैसे खड़ा किया जाए।” खुशी कपूर एक प्रतिष्ठित कारोबारी परिवार से हैं। उनके पिता विशाल कपूर बीपीसीएल के ‘चांद फिलिंग स्टेशन’ चलाते हैं, जबकि माता ईशा कपूर ‘वोमनिया बाई ईशा कपूर’ चलाती हैं। खुशी ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने परिवार और छोटी बहन जान्हवी के लगातार प्रोत्साहन को दिया।
Source link
वाराणसी की खुशी ने श्रीलंका में किया भारत का प्रतिनिधित्व:CA स्टूडेंट्स की इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में बनीं मुख्य पैनलिस्ट
