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दुनिया घूमने की आजादी काफी महंगी:सबसे ताकतवर पासपोर्ट वाले देशों के नागरिक चुका रहे सबसे ज्यादा 57% तक टैक्स




दुनिया में बिना वीसा ज्यादा देशों की यात्रा करने की आजादी भी एक बड़ी कीमत के साथ आती है। ‘ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स 2026’ बताता है कि दुनिया के सबसे ताकतवर पासपोर्ट रखने वाले देशों के नागरिक सबसे ज्यादा टैक्स भी चुकाते हैं। रैंकिंग में पहले स्थान पर रहे स्वीडन के साथ फिनलैंड और डेनमार्क जैसे देशों में प्रभावी टैक्स 56-57% तक पहुंच जाता है। इसी टैक्स से वहां मुफ्त शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत सामाजिक सुरक्षा जैसी सुविधाओं का खर्च उठाया जाता है। इंडेक्स में शीर्ष 10 में से 9 स्थान यूरोपीय देशों के पास हैं। स्वीडन पहले, स्विट्जरलैंड दूसरे और फिनलैंड तीसरे स्थान पर हैं। टॉप-10 में शामिल एकमात्र गैर-यूरोपीय देश सिंगापुर है। यानी दुनिया में सबसे ज्यादा यात्रा की आजादी देने वाले पासपोर्ट पर यूरोप का दबदबा है, लेकिन इसके साथ सबसे भारी टैक्स बोझ भी जुड़ा है। हालांकि पूरे यूरोप की तस्वीर एक जैसी नहीं है। स्विट्जरलैंड और नॉर्वे ऐसे अपवाद हैं, जहां बेहतर जीवन स्तर और मजबूत शासन के साथ अपेक्षाकृत कम प्रभावी टैक्स दरें हैं। खासकर स्विट्जरलैंड कम टैक्स के कारण निवेशकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। एशिया की बात करें तो सिंगापुर 10वें स्थान के साथ टॉप-10 में शामिल अकेला देश है। इसके बाद संयुक्त अरब अमीरात (21वें), जापान (23वें), हॉन्गकॉन्ग और दक्षिण कोरिया का स्थान है। निवेश की आजादी के मामले में सिंगापुर दुनिया में पहले, हॉन्गकॉन्ग दूसरे और यूएई पांचवें स्थान पर है। सिंगापुर की प्रति व्यक्ति आय 92,270 डॉलर है, जबकि यूएई और हॉन्गकॉन्ग भी ऊंची आय वाली अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हैं। खास बात यह है कि यूएई में टैक्स का बोझ लगभग शून्य है, जबकि सिंगापुर और हॉन्गकॉन्ग भी कम टैक्स के साथ निवेश और संपत्ति निर्माण के लिए अनुकूल माहौल देते हैं। भारत इस इंडेक्स में 197 देशों के बीच 125वें स्थान पर है। भारतीय पासपोर्ट धारकों को सिर्फ 26 देशों में वीसा-मुक्त या वीसा-ऑन-अराइवल यात्रा की सुविधा मिलती है। यानी भारत के नागरिक अपेक्षाकृत कम टैक्स देते हैं, लेकिन वैश्विक यात्रा की आजादी के मामले में अभी भी काफी पीछे हैं। स्विट्जरलैंड, नॉर्वे अपवाद…पासपोर्ट दमदार, प्रभावी टैक्स भी कम यूरोप में कम टैक्स वाले देश आमतौर पर यूरोपीय संघ से बाहर हैं। स्विट्जरलैंड और नॉर्वे इसके अपवाद हैं, जो बेहतरीन शासन और ऊंचे जीवन स्तर के साथ कम प्रभावी टैक्स दरें लगाते हैं। नॉर्वे भी ईयू का सदस्य न होने के बावजूद मजबूत पासपोर्ट में बना हुआ है। स्विट्जरलैंड पूरे यूरोप में सबसे कम टैक्स लेकर निवेशकों को आकर्षित करता है।



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