चंडीगढ़ में उबर रैपिडो के लाइसेंस सस्पेंड।
चंडीगढ़ स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (STA) ने एग्रीगेटर कंपनियों उबर और रैपिडो के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। प्रशासन ने नियमों का उल्लंघन करने और आदेशों का पालन न करने पर दोनों कंपनियों के लाइसेंस 6 महीने के लिए तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिए हैं। हाला
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इन 4 वजह से हुआ कंपनियों पर एक्शन
ड्राइवर वेलफेयर नियमों की अनदेखी: ड्राइवरों की शिकायतों के बाद हुई जांच में पाया गया कि कंपनियां “चंडीगढ़ एडमिनिस्ट्रेशन मोटर व्हीकल एग्रीगेटर्स रूल्स 2025” के तहत स्वास्थ्य बीमा , टर्म इंश्योरेंस और ड्राइवरों की ट्रेनिंग से जुड़े प्रावधानों का पालन नहीं कर रही थीं।
ओवरचार्जिंग का आरोप: एग्रीगेटर रूल्स के नियम 14 (iii) के अनुसार, कंपनियां तय किराए से अधिक वसूली नहीं कर सकतीं। हालांकि, Uber द्वारा यात्रियों से ओवरचार्जिंग की शिकायतें मिलीं।
गैर-व्यावसायिक (प्राइवेट) वाहनों का इस्तेमाल: जांच में कंपनियों के बेड़े में नॉन-कमर्शियल (प्राइवेट) वाहन जुड़े पाए गए, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है।
बार-बार नोटिस के बाद भी ढिलाई: प्रशासन ने कंपनियों को कारण बताओ नोटिस और रिमाइंडर जारी किए, लेकिन उनकी ओर से दिए गए जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए। स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (STA) के सचिव नितीश सिंगला (PCS) द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि कंपनियों को नियमों का पालन करने के पर्याप्त अवसर दिए गए थे। इसके बावजूद सुधार नहीं होने पर ‘चंडीगढ़ एडमिनिस्ट्रेशन मोटर व्हीकल्स एग्रीगेटर्स रूल्स, 2025’ के नियम 17 के तहत दोनों कंपनियों के लाइसेंस 6 महीने के लिए निलंबित किए गए हैं।

पहले Ola और inDrive पर भी हो चुकी कार्रवाई
ओला– चंडीगढ़ प्रशासन ने जून 2026 में सबसे पहले Ola (ANI Technologies) का लाइसेंस 6 महीने के लिए सस्पेंड किया था। कंपनी पर ड्राइवरों के वेलफेयर, ट्रेनिंग और तय किराए से जुड़े नियमों का पालन नहीं करने का आरोप था।
इन ड्राइव – इसके बाद अगस्त 2026 में प्रशासन ने inDrive (Indsystems IT) का लाइसेंस भी 6 महीने के लिए तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। कंपनी पर बिना कमर्शियल लाइसेंस वाली प्राइवेट गाड़ियों और बाइक्स को प्लेटफॉर्म पर चलाने और तय सरकारी किराए से ज्यादा चार्ज करने जैसी अनियमितताओं के आरोप लगे थे।
