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23 मिनट पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल
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इन दिनों मस्कुलर बॉडी बनाने का शॉर्टकट युवाओं की सेहत पर भारी पड़ रहा है। कई युवा तेजी से मसल्स बढ़ाने के लिए स्टेरॉयड इंजेक्शन ले रहे हैं। इससे शरीर की बनावट तो बदल जाती है, लेकिन हार्मोनल संतुलन बिगड़ जाता है।
डॉक्टर्स के मुताबिक, लंबे समय तक या गलत तरीके से स्टेरॉयड्स लेने से गाइनेकोमैस्टिया (पुरुषों में ब्रेस्ट टिश्यू बढ़ना), टेस्टोस्टेरोन का लेवल कम होना, हेयर लॉस और फर्टिलिटी से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। हाल ही में इंदौर में कुछ ऐसे मामले सामने आए, जहां स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि सर्जरी तक करानी पड़ी।
‘दैनिक भास्कर’ की रिपोर्ट के मुताबिक, सिर्फ इंदौर के डॉक्टरों के पास हर महीने लगभग ऐसे 10 केस आ रहे हैं। ज्यादातर मरीज 18 से 22 साल के स्टूडेंट्स हैं, जो मस्कुलर बॉडी और बेहतर लुक के लिए स्टेरॉयड्स लेते हैं। उन्हें इससे जुड़े गंभीर हेल्थ रिस्क का अंदाजा भी नहीं होता है। ऐसे में स्टेरॉयड्स के रिस्क को समझना जरूरी है।
इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में स्टेरॉयड्स के बारे में विस्तार से बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-
- जिम जाने वाले युवाओं में स्टेरॉयड्स क्यों पॉपुलर हो रहे हैं?
- बिना डॉक्टर की सलाह के स्टेरॉयड्स लेने के क्या नुकसान हैं?
एक्सपर्ट- डॉ. अर्चना जुनेजा, कंसल्टेंट, एंडोक्रोनोलॉजिस्ट, कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी हॉस्पिटल, मुंबई
सवाल- स्टेरॉयड क्या है?
जवाब- स्टेरॉयड ऐसे केमिकल्स होते हैं, जिन्हें शरीर प्राकृतिक रूप से बनाता है। ये शरीर में हार्मोन की तरह काम करते हैं और कई जरूरी प्रक्रियाओं को कंट्रोल करते हैं। ये तनाव से निपटने, सूजन कम करने, मेटाबॉलिज्म बैलेंस करने और रिप्रोडक्शन जैसे जरूरी कामों में अहम भूमिका निभाते हैं।
वैज्ञानिकों ने स्टेरॉयड्स के आर्टिफिशियल रूप भी विकसित किए हैं। डॉक्टर इनका इस्तेमाल अलग-अलग बीमारियों और मेडिकल जरूरतों में करते हैं।
सवाल- स्टेरॉयड्स कितनी तरह के होते हैं?
जवाब- काम और इस्तेमाल के आधार पर इन्हें अलग-अलग कैटेगरी में बांटा गया है। मोटे तौर पर स्टेरॉयड दो तरह के होते हैं।
कॉर्टिकोस्टेरॉयड: इनका इस्तेमाल सूजन, एलर्जी और ऑटोइम्यून बीमारियों के इलाज में किया जाता है।
एनाबॉलिक-एंड्रोजेनिक स्टेरॉयड (AAS): ये टेस्टोस्टेरोन (मेल सेक्स हार्मोन) हार्मोन के प्रभाव की नकल करते हैं। इनका इस्तेमाल मसल मास और स्ट्रेंथ बढ़ाने के साथ कुछ खास मेडिकल कंडीशंस में किया जाता है। लेकिन बिना डॉक्टर की सलाह के लेने पर गंभीर साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं।
सवाल- डॉक्टर किन स्थितियों में स्टेरॉयड्स लेने की सलाह देते हैं?
जवाब- डॉक्टर जरूरत और हेल्थ कंडीशंस के अनुसार स्टेरॉयड्स लेने की सलाह देते हैं। ग्राफिक में सभी हेल्थ कंडीशंस देखिए-

सवाल- जिम जाने और बॉडी बनाने वाले युवाओं में स्टेरॉयड्स क्यों पॉपुलर हो रहे हैं?
जवाब- कई युवा कम समय में मसल मास बढ़ाना चाहते हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया ट्रेंड और फिटनेस कंटेंट उन्हें स्टेरॉयड्स की ओर आकर्षित कर रहे हैं। सभी प्रमुख वजहें ग्राफिक में देखिए-

सवाल- युवाओं में स्टेरॉयड्स के गलत इस्तेमाल से किस तरह की स्वास्थ्य समस्याएं दिख रही हैं?
जवाब- इसे इंदौर के तीन अलग-अलग मामलों से समझिए-
पहला मामला
- खंडवा जिले का एक 18 वर्षीय युवक NEET की तैयारी के लिए इंदौर में रह रहा था।
- 6 महीने जिम करने के बाद भी जब उसे मनचाहा रिजल्ट नहीं मिला तो वह ट्रेनर की सलाह पर मसल्स बढ़ाने के लिए स्टेरॉयड्स लेने लगा।
- कुछ महीनों बाद उसके ब्रेस्ट टिश्यू बढ़ने लगे।
- दवाओं से समस्या ठीक नहीं हुई और आखिरकार सर्जरी करानी पड़ी।
दूसरा मामला
- इंदौर के एक 21 वर्षीय युवक ने गूगल पर जल्दी मसल्स बनाने का तरीका सर्च किया और टेस्टोस्टेरोन सप्लीमेंट लेने लगा।
- इसके बाद उसके ब्रेस्ट टिश्यू बढ़ने लगे।
- शर्मिंदगी के कारण उसने कई महीने तक किसी को नहीं बताया।
- डॉक्टर से जांच कराने पर गंभीर हार्मोनल इम्बैलेंस का पता चला।
तीसरा मामला
- 22 वर्षीय एक युवक ने जिम में दोस्तों की सलाह पर स्टेरॉयड्स लेना शुरू किया।
- इससे उसकी मस्कुलर बाॅडी गई। लेकिन कुछ दिनों बाद ब्रेस्ट टिश्यू बढ़ने लगे और बाइसेप्स के आकार भी असामान्य रूप से बढ़ गए।
- समस्या लगातार बढ़ती गई और अंत में उसे सर्जरी का सहारा लेना पड़ा।

सवाल- क्या स्टेरॉयड्स के नुकसान पर कोई रिसर्च या स्टडी भी हुई है?
जवाब- हां, ‘नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन’ में साल 2017 और 2021 में एनाबॉलिक स्टेरॉयड के प्रभाव से जुड़े दो अलग-अलग सिस्टमैटिक रिव्यू पब्लिश हुए। इनके मुताबिक, एनाबॉलिक स्टेरॉयड के गलत इस्तेमाल से पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन और दूसरे रीप्रोडक्टिव हार्मोन्स प्रभावित होते हैं। इससे लंबे समय में गाइनेकोमैस्टिया और फर्टिलिटी से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।
सवाल- बिना डॉक्टर की सलाह स्टेरॉयड्स लेने के क्या नुकसान हैं?
जवाब- इससे हार्मोनल संतुलन बिगड़ सकता है। जिसका असर फर्टिलिटी, हार्ट, लिवर और मेंटल हेल्थ पर पड़ता है। ग्राफिक में सभी हेल्थ रिस्क देखिए-

सवाल- स्टेरॉयड्स लेना किन लोगों के लिए ज्यादा रिस्की है?
जवाब- बिना डॉक्टर की सलाह के एनाबॉलिक स्टेरॉयड लेना किसी के लिए भी सुरक्षित नहीं है। हालांकि कुछ लोगाें को रिस्क ज्यादा होता है। ग्राफिक में देखिए-

सवाल- स्टेरॉयड्स लेने से महिलाओं को कौन से हेल्थ रिस्क हो सकते हैं?
जवाब- एनाबॉलिक स्टेरॉयड्स के गलत इस्तेमाल से महिलाओं में ये हेल्थ रिस्क हो सकते हैं-
- हार्मोन इंबैलेंस
- पीरियड्स अनियमित होना
- अनचाहे बाल बढ़ना
- मुंहासे, बाल झड़ना
- आवाज में भारीपन
- आवाज में स्थायी बदलाव
- फर्टिलिटी प्रभावित होना
सवाल- क्या स्टेरॉयड्स की लत भी लग सकती है?
जवाब- हां, स्टेरॉयड्स के लगातार और गलत इस्तेमाल से कुछ लोगों में डिपेंडेंसी हो सकती है। कई लोग मसल्स कम होने या परफॉर्मेंस घटने के डर से इन्हें छोड़ नहीं पाते। समय के साथ शरीर भी बाहरी स्टेरॉयड्स का आदी हो सकता है। इसलिए डॉक्टर की सलाह के बिना इन्हें शुरू करना या अचानक बंद करना, दोनों ही नुकसानदायक हो सकते हैं।
सवाल- नेचुरल तरीके से मसल्स बनाने के लिए क्या करें?
जवाब- सही एक्सरसाइज, पर्याप्त प्रोटीन के साथ धीरे-धीरे मसल्स बनाई जा सकती हैं। इसके लिए कुछ बातों का ध्यान रखें-
- पर्याप्त कैलोरी लें- मसल्स बनाने के लिए शरीर को पर्याप्त एनर्जी की जरूरत होती है। जरूरत से कम या बहुत ज्यादा कैलोरी लेने से मसल्स ग्रोथ प्रभावित हो सकती है।
- पर्याप्त प्रोटीन लें- दाल, पनीर, दूध, अंडे, सोया, चिकन या मछली जैसी चीजें खाएं।
- स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करें- वेट्स या बॉडीवेट एक्सरसाइज करें।
- प्रोग्रेसिव ओवरलोड अपनाएं- धीरे-धीरे वजन या रेप्स की संख्या बढ़ाएं।
- पूरी नींद लें- रोज 7-8 घंटे की अच्छी नींद लें।
- रेस्ट दें- एक ही मसल ग्रुप को लगातार ट्रेन न करें।
- पर्याप्त पानी पिएं- हाइड्रेशन बनाए रखें।
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ग्राफिक्स- विपुल शर्मा
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