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चंडीगढ़ कैट ने बहाल किया कॉमन कैडर का विकल्प:3 माह में सूची बनाने के निर्देश,कुल सेवा अवधि के आधार पर तय होगी प्राथमिकता




केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) की चंडीगढ़ बेंच ने क्लर्कों और जूनियर असिस्टेंट की वरिष्ठता को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद पर फैसला सुनाया है। कैट ने चंडीगढ़ प्रशासन को कॉमन कैडर में भर्ती कर्मचारियों और विभागीय कैडर से कॉमन कैडर में शामिल होने का विकल्प देने वाले कर्मचारियों की संयुक्त वरिष्ठता सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं। कैट ने स्पष्ट किया है कि कर्मचारियों की आपसी वरिष्ठता तय करते समय उनकी कैडर में की गई कुल सेवा अवधि को आधार बनाया जाएगा। प्रशासन को आदेश की प्रमाणित प्रति मिलने के तीन महीने के भीतर आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। 2021 के आदेश रद्द-कर्मचारियों का विकल्प बहाल कैट ने चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा 23 और 24 सितंबर 2021 को जारी किए गए उन आदेशों को रद्द कर दिया, जिनके आधार पर कॉमन कैडर के क्लर्कों की अलग वरिष्ठता सूची तैयार की जा रही थी। इसके साथ ही अधिकरण ने 16 सितंबर 2020 और 14 दिसंबर 2020 के पत्रों के तहत कर्मचारियों को कॉमन कैडर में शामिल होने के लिए दिया गया विकल्प भी बहाल कर दिया है। 2015 में बनाया गया था कॉमन कैडर कैट के फैसले के अनुसार, वर्ष 2015 से पहले चंडीगढ़ प्रशासन के अलग-अलग विभागों में क्लर्कों के लिए अलग भर्ती नियम लागू थे। प्रशासन ने 29 मई 2015 को ग्रुप-सी क्लर्क और स्टेनो-टाइपिस्ट के लिए कॉमन कैडर भर्ती नियम अधिसूचित किए थे। इसके बाद विभागीय भर्ती नियमों को समाप्त कर मिनिस्टीरियल पदों को कॉमन कैडर में लाने की प्रक्रिया शुरू हुई। वहीं, 23 सितंबर 2019 को सीनियर असिस्टेंट और सुपरिंटेंडेंट ग्रेड-2 के लिए भी कॉमन भर्ती नियम अधिसूचित किए गए। इनमें पांच साल की सेवा पूरी करने वाले क्लर्क और जूनियर असिस्टेंट को सीनियर असिस्टेंट पद पर पदोन्नति के लिए पात्र माना गया। 1993-2014 के बीच भर्ती कर्मचारियों का मामला यह मामला विकास शर्मा समेत 23 कर्मचारियों द्वारा दायर ओए नंबर 1336/2021 से संबंधित है। याचिकाकर्ताओं में जीएमसीएच-32 समेत विभिन्न विभागों में कार्यरत क्लर्क और जूनियर असिस्टेंट शामिल हैं। कर्मचारियों का कहना था कि वे वर्ष 1993 से 2014 के बीच विभागीय कैडर में भर्ती हुए थे, जबकि कॉमन कैडर के तहत कई कर्मचारी वर्ष 2016 से 2018 के बीच नियुक्त हुए। अलग वरिष्ठता सूची बनने से बाद में भर्ती कर्मचारी पदोन्नति में उनसे आगे निकल सकते थे। कैट ने मौजूदा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि वर्ष 2016 से पहले भर्ती कर्मचारियों को अपने मूल विभाग में पदोन्नति का इंतजार करना पड़ता है, जबकि बाद में कॉमन कैडर में भर्ती कर्मचारियों के लिए पदोन्नति का रास्ता अलग तरीके से खुला हुआ है। अधिकरण ने कहा कि इससे समान कार्य करने वाले कर्मचारियों के बीच पदोन्नति के अवसरों में असमानता पैदा हो रही है। कैट ने स्पष्ट किया कि समान कार्य करने वाले कर्मचारियों के लिए पात्रता, वेतन और पदोन्नति के अवसरों में समानता होनी चाहिए। विकल्प देने वालों की सेवा अवधि से तय होगी वरिष्ठता कैट ने निर्देश दिया कि 16 सितंबर और 14 दिसंबर 2020 के पत्रों के तहत कॉमन कैडर में शामिल होने का विकल्प देने वाले कर्मचारियों को भी संयुक्त वरिष्ठता सूची में शामिल किया जाए। कॉमन कैडर में सीधे भर्ती कर्मचारियों और विभागीय कैडर से विकल्प देकर शामिल हुए कर्मचारियों के बीच आपसी वरिष्ठता उनकी कुल सेवा अवधि के आधार पर तय होगी। हालांकि, जो कर्मचारी विकल्प देने के बाद अपने मूल विभाग में पदोन्नत हो चुके हैं, उन्हें कॉमन कैडर की नई वरिष्ठता सूची में शामिल नहीं किया जाएगा। कैट ने प्रशासन को रिक्त पदों और कर्मचारियों की स्थिति की उचित जांच-पड़ताल कर आगे की कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए हैं।



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