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कथा वाचक संत कमलकिशोर नागर को जान से मारने की धमकी के मामले में बुधवार को पेटलावद में उनके अनुयायियों ने आक्रोश मार्च निकाला। यह रैली शंकर मंदिर से शुरू होकर शहर के मुख्य रास्तों से होते हुए पुलिस थाने पहुंची। इस दौरान सुखराम कातिजा ने बताया कि इस घटना से संत के अनुयायियों की भावनाओं को ठेस पहुंची है। जितेंद्र पाटीदार ने ज्ञापन का वाचन किया। बाद में अनुयायियों ने तहसीलदार यशपाल मुजाल्दे और थाना प्रभारी (टीआई) निर्भयसिंह भूरिया के जरिए राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया है कि 4 सितंबर 2026 को कुछ अज्ञात लोगों ने संत कमलकिशोर नागर को सम्मान में दी जाने वाली शॉल और श्रीफल के बीच एक आपत्तिजनक और जान से मारने की धमकी भरा पत्र रख दिया था। इस हरकत से महाराजश्री और उनके पूरे परिवार के जीवन पर गंभीर खतरा पैदा हो गया है। इस तरह की घटना को पूरे प्रदेश की कानून व्यवस्था के लिए एक चुनौती माना जा रहा है। इस घटना की जानकारी मिलते ही सनातन समाज और देश-प्रदेश में फैले उनके लाखों अनुयायियों में गुस्सा और असुरक्षा की भावना फैल गई है। राज्यपाल से मुख्य रूप से तीन मांगें की गई हैं। इन मांगों में एक उच्च स्तरीय जांच शामिल है, जिसमें एसआईटी (SIT) या किसी खास एजेंसी से इस साजिश की निष्पक्ष और जल्द जांच कराई जाए। दूसरी मांग है कि धमकी देने वाले मुख्य आरोपियों और उनके साथियों को तुरंत गिरफ्तार कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो। तीसरी मांग है कि संत कमलकिशोर नागर और उनके परिवार को तुरंत ‘जेड प्लस’ (Z+) सुरक्षा दी जाए। इस विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान लालू पाटीदार, कांतिलाल पाटीदार, सुखराम कातिजा, सतीश जायसवाल, रामलाल पाटीदार, सौरभ चतुर्वेदी, जगन्नाथ पाटीदार, दुर्गादास मोटापाला, निलेश मीणा, संजय बैरागी और अमृत पाटीदार सहित बड़ी संख्या में अनुयायी मौजूद थे।
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संत कमलकिशोर नागर को जान से मारने की धमकी:पेटलावद में अनुयायियों ने रैली निकाली, Z+ सुरक्षा देने की मांग
