जोधपुर के विवेक विहार थाना क्षेत्र के गुढ़ा विश्नोइयां स्थित मंगल नगर में जमीन पर कब्जे और तारबंदी हटाने के विवाद को लेकर एक परिवार पर जानलेवा हमला किया गया। हमले में एयरफोर्स जवान भागाराम और उनके भाई ओमप्रकाश गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल जवान भागार
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मंगल नगर निवासी पीड़ित ओमप्रकाश (39) पुत्र घेवरराम विश्नोई ने विवेक विहार थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। घटना 10 जुलाई सुबह करीब 10.30 बजे की है। मामले में रिपोर्ट 11 जुलाई को शाम 4.35 बजे दर्ज हुई।

कैंपर गाड़ी से ओमप्रकाश को टक्कर मारकर गिरा दिया।
तारबंदी का वीडियो बनाने पर कुल्हाड़ी से हमला
पीड़ित ओमप्रकाश की रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी जेसीबी और डम्पर लेकर खेत में घुसे और तारबंदी उखाड़ने लगे। जब ओमप्रकाश ने मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू किया तो आरोपी अशोक भड़क गया। अशोक ने जान से मारने की नीयत से ओमप्रकाश के पीछे अपनी सफेद कैंपर गाड़ी दौड़ा दी और उसे टक्कर मारकर नीचे गिरा दिया। इसके बाद राकेश, मनीष और महेंद्र ने लोहे के पाइप और लाठियों से ओमप्रकाश के सिर और शरीर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए।

आरोपियों में महिलाएं भी थी। उन्होंने पीड़ित भाईयों पर लाठी और कुल्हाड़ी से हमला किया।
ओमप्रकाश की चीख-पुकार सुनकर उसकी पत्नी हेमा और बड़ा भाई एयरफोर्स जवान भागाराम दौड़कर मौके पर पहुंचे। जवान ने बचाव करने की कोशिश की तो तो आरोपी पिंटू और एक महिला ने जान से मारने की नीयत से उनके सिर पर कुल्हाड़ी से वार कर दिया। वहीं, महेंद्र ने लाठी और अशोक ने लोहे की रॉड से भागाराम पर हमला बोल दिया। सिर पर होने वाले वार को रोकने के लिए जब भागाराम ने अपना हाथ आगे किया, तो रॉड के वार से उनका हाथ टूट गया।

चाचा भागाराम पर सगे भतीजों ने कुल्हाड़ी से हमला किया। जिससे सिर में गंभीर चोट आई है। आरोपियों ने पीड़ित का हाथ भी तोड़ दिया।
भतीजों ने ही सगे चाचा भागाराम को मारा
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि हमलावर दोनों भाइयों को मरा हुआ समझकर मौके से फरार हो गए। हमलावर (अशोक-मनीष) रिश्ते में पीड़ित के सगे भतीजे लगते हैं।
दरअसल,रामसिंह, भागाराम (47) और ओमप्रकाश (39) ये तीन भाई हैं। अशोक (35) और मनीष (30) रामसिंह के लड़के हैं। 2 अन्य आरोपी एक JCB ड्राइवर, एक बजरी डंपर का ड्राइवर है। पीड़ित का आरोप है कि थाने से ही फोन कर हॉस्पिटल में एडमिट भागाराम को धमकाया जा रहा है। कह रहे हैं कि राजीनामा कर लो नहीं तो छेड़छाड़ का मामला दर्ज करवा देंगे।

हॉस्पिटल में भर्ती घायल एयफोर्स जवान भागाराम। वह छुट्टी पर घर आया था।
पीड़ित ओमप्रकाश ने बताया कि ये सभी लोग आदतन अपराधी प्रवृत्ति के हैं और इनकी ऊंची राजनीतिक जान-पहचान है। इस घटना से पहले भी पीड़ित परिवार ने इनके खिलाफ जान से मारने की धमकी की शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन तब पुलिस ने ढिलाई बरती, जिसके कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हो गए।

आरोपियों ने भागाराम का हाथ तोड़ दिया।
पुलिस पर मिलीभगत के लगाए आरोप
मामले में पीड़ित पक्ष ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित का कहना है कि घटना के बाद भी पुलिस ने अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं की है। पीड़ित का आरोप है कि पुलिस अपराधियों के साथ मिली हुई है और राजनीतिक रसूख के कारण उन्हें बचाने का प्रयास कर रही है।
विवेक विहार थाना पुलिस ने अशोक, मनीष, पिंटू, महेंद्र और राकेश उर्फ विकास के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच एएसआई भरतलाल को सौंपी है।
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