![]()
भिंड के रौन में जन-विश्वास अभियान के तहत आयोजित शिविर में ग्रामीणों की 65 समस्याएं और आवेदन सामने आए। इनमें से 20 का मौके पर ही निराकरण किया गया। शेष आवेदनों को समय-सीमा में निपटाने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए। शासकीय वेयरहाउस रौन में आयोजित जनसंवाद एवं समाधान शिविर में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला और कलेक्टर ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। अलग-अलग विभागों से आए आवेदनों पर अधिकारियों से जानकारी ली गई। जिन मामलों का मौके पर समाधान संभव था, उनका तत्काल निराकरण कराया गया। ग्रामीण विकास कार्यों की गुणवत्ता पर रखें नजर
मंत्री राकेश शुक्ला ने ग्रामीणों से गांव में चल रहे विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं की निगरानी करने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी योजना के तहत काम शुरू होने पर ग्रामीण उसकी गुणवत्ता देखें। काम पूरा होने के बाद उसके रखरखाव की जिम्मेदारी भी समझें। उन्होंने जल जीवन मिशन के काम को लेकर भी ग्रामीणों को जागरूक करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। मंत्री ने कहा कि नल-जल योजना पूरी होने के बाद उसकी देखरेख और संरक्षण जरूरी है। इससे योजना का लाभ लंबे समय तक ग्रामीणों को मिल सकेगा।
गांवों में पहुंचकर समस्याएं सुन रहे अधिकारी
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर चल रहा जन-विश्वास अभियान शासन और ग्रामीणों के बीच सीधे संवाद का माध्यम है। अधिकारी गांवों में पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रहे हैं। इससे ग्रामीणों को अपनी समस्याओं के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि गांवों के भ्रमण के दौरान लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाए और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए। ग्रामीण भी अपने गांव और मोहल्ले की समस्याएं सामने लाएं, ताकि उनका समय पर समाधान हो सके। इन विभागों से जुड़े आवेदन आए
शिविर में राजस्व, श्रम, मध्याह्न भोजन, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, ऊर्जा, आधार कार्ड और योजना मंडल से संबंधित आवेदन आए। इस दौरान अपर कलेक्टर, एसडीएम लहार, जनपद पंचायत रौन के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
Source link
भिंड में मंत्री राकेश शुक्ला ने सुनी ग्रामीणों की समस्याएं:65 आवेदन आए; 20 का मौके पर निराकरण, बोले- योजनाओं का लाभ ग्रामीणों तक पहुंचाना जरूरी
