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सिरसा जिले में डबवाली क्षेत्र के गांव सालमखेड़ा में गुरमेल सिंह उर्फ लक्खा हत्याकांड मामले में मुख्य आरोपी गुरविन्दर सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में ये 7वीं गिरफ्तारी है। पुलिस के अनुसार, गुरविंदर सिंह की ही गुरमेल के साथ बहस हुई थी और उसी ने दोस्तों के साथ मिलकर साजिश रची थी। हत्या वाले दिन साजिश में इस्तेमाल की गई गाड़ी भी इसी की थी। उस झगड़े में गुरविंदर सिंह को पैर में चोटें आई थी और उसका इलाज चल रहा था। इसके चलते उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी। ऐसे में ओढ़ा थाना पुलिस ने अब उसे गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी गुरविंदर का काफी समय पहले गुरमेल से झगड़ा हो गया था। तब से उनके बीच रंजिश चल रही थी। उनके बीच दोबारा कहासुनी हो गई तो गुरविंदर ने दोस्तों के साथ मिलकर गुरमेल की पीट-पीटकर हत्या कर दी। आरोपी पिछले 8 माह से फरार चल रहा था। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे और सूचना के आधार पर दाबिश दी, जिसके बाद वह पकड़ा गया। पुलिस ने कार को भी बरामद कर लिया है। वीडियो में खून से लथपथ दिख रहा था युवक इसका एक वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें युवक खून से लथपथ दिख रहा था और पैर तोड़े हुए थे। सिर पर भी गहरी चोटें लगी थी, जिस कारण युवक अंतिम सांसों तक हमलवारों के बारे में बताने की कोशिश कर रहा था। यह वीडियो झगड़े के बाद का था। जब लोगों ने उसे घायल अवस्था में देखा तो उसका नाम-पता पूछकर परिजनों को सूचना दी। दरअसल, दो पक्षों के बीच आपस में विवाद हो गया था, जिसमें तेजधार हथियारों से युवक पर हमला कर दिया गया। सिरसा से अग्रोहा ले जाते समय उसकी मौत हो गई। झगड़े में दूसरे पक्ष के लोगों को भी चोटें आई थी, जिनका अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चला। गुरमेल और आरोपी पक्ष पर पहले से चल रहे केस मृतक गुरमेल पहले नाई का काम करता था और इन दिनों खेतीबाड़ी संभालता था। यह घटना जिले के गांव सालमखेड़ा में 28 दिसंबर 2025 रविवार रात करीब साढ़े 9 बजे हुई थी। पुलिस के अनुसार, हमलावर युवक और मृतक पर पहले से क्रिमिनल केस चल रहे थे। मृतक गुरमेल पर आर्म्स एक्ट और लड़ाई-झगड़े के 2 केस दर्ज थे। ये 6 आरोपी पकड़े गए 2 जनवरी 2026 को सालमखेड़ा निवासी हैप्पी सिंह पुत्र लाधू सिंह उर्फ लदी राम को गिरफ्तार किया था। अन्य 5 आरोपी जसदीप सिंह उर्फ सन्नी पुत्र चमकौर सिंह (सालमखेड़ा), हरप्रीत सिंह उर्फ हैरी पुत्र प्रकाश सिंह उर्फ पप्पा (डबवाली), गगनदीप पुत्र नेहरू सिंह (सालमखेड़ा), सुखविंदर उर्फ पिंदा पुत्र मशरेट सिंह (सालमखेड़ा) और हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी पुत्र सतनाम सिंह (चकेरियां) शामिल है। 2 पक्षों में होता रहता था झगड़ा सालमखेड़ा में 2 पक्षों के बीच छोटी-छोटी बातों को लेकर अक्सर तकरार होती रहती थी। इसी के चलते एक पक्ष के लोग दूसरे पक्ष को ‘सबक सिखाने’ के इरादे से रात को देसू जोधा गांव से अपने साथियों के साथ सालम खेड़ा पहुंचे। रात को दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई और गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए गए। दूसरे पक्षों से करीब 12 लोग शामिल थे। इसलिए उन्होंने मौका पाकर गुरमेल को घेरा और डंडों व हथियारों के बल पर उस पर हमला करना शुरू कर दिया। गुरमेल के पांव पर काफी चोटें मारी गई, जिससे ब्लीडिंग ज्यादा हो गई और एक तरह से दोनों पैर तोड़ दिए गए। सिर पर भी चोटें थी, जिस कारण गुरमेल की मौत हो गई।
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डबवाली लक्खा हत्याकांड में मुख्य आरोपी काबू:कार बरामद, पहले 6 आरोपी पकड़े जा चुके, झगड़े में आरोपी का टूटा था पैर
