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कानपुर-शुक्लागंज नए पुल के निर्माण में तेजी:उन्नाव की तरफ काम शुरू, करीब डेढ़ से दो महीने में काम पूरा करने का लक्ष्य




उन्नाव के शुक्लागंज में कानपुर-शुक्लागंज को जोड़ने वाले नए पुल के निर्माण का काम तेज हो गया है। गंगा किनारे मिश्रा कॉलोनी छोर पर शनिवार से पिलर पायलिंग का काम शुरू कर दिया गया है। शुक्लागंज छोर पर छह पिलर की पायलिंग होनी है। इसे करीब डेढ़ से दो महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। पहले दिन पिलर पायलिंग मशीन की पूजा-पाठ की गई। इसके बाद जमीन के अंदर पायलिंग का काम शुरू कराया गया। निर्माण कंपनी के अधिकारियों के मुताबिक, अब काम पूरी रफ्तार से कराया जाएगा। पुल का निर्माण कानपुर छोर से इसी साल जनवरी में शुरू किया गया था। जून तक कानपुर की तरफ पुल के करीब आधे हिस्से में पिलर पायलिंग का काम तेजी से पूरा कर लिया गया था। इसके बाद शुक्लागंज छोर पर निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारी चल रही थी।
इस हिस्से में पुल के रास्ते में करीब 40 मकान आ रहे थे। मुआवजे के चेक बांटने के बाद मकानों को गिराने का काम शुरू कराया गया। इसके बाद मौके से मलबा हटाने में अधिक समय लगने के कारण पिलर पायलिंग का काम रुका हुआ था। अब मलबा हटने के बाद मशीन को काम वाली जगह पर पहुंचाकर पायलिंग शुरू कर दी गई है। पुल निर्माण के रास्ते में आने वाले आठ हरे पेड़ों को भी हटाया गया है। इनमें चार पीपल, तीन नीम और एक शीशम के पेड़ शामिल थे।
पिलर पायलिंग का काम हरियाणा की बी एंड बी कंस्ट्रक्शन कंपनी करा रही है। कंपनी के पीएम शैलेंद्र कुमार, शेखर शर्मा और दिलखुश ने मशीन की पूजा कर काम की शुरुआत की। निर्माण स्थल पर अस्थायी कार्यालय भी बनाया गया है, जहां से निर्माण कार्य की निगरानी की जाएगी। कंपनी के अधिकारी ने बताया कि शुक्लागंज छोर पर छह पिलर की पायलिंग की जानी है। इनमें दो पिलर गंगा किनारे और दो पिलर उस जगह बनाए जाएंगे, जहां पहले आबादी थी। एक पिलर पुराने पुल के पास बनाया जाना है। बाकी पिलर की जगह के हिसाब से काम आगे बढ़ाया जाएगा।
अधिकारी के मुताबिक, गुरुवार को पिलर पायलिंग मशीन को असेंबल करने के साथ कवर ब्लॉक तैयार करने का काम किया गया था। इसके बाद पायलिंग शुरू की गई। पायलिंग प्रक्रिया में पहले लोहे की रिंग को जमीन के अंदर निर्धारित गहराई तक डाला जाएगा। इसके बाद रिंग के अंदर मोटी सरिया डालकर पिलर की संरचना तैयार की जाएगी। कवर ब्लॉक की मदद से रिंग को जमीन के अंदर मजबूती से स्थिर रखा जाएगा। अधिकारियों ने शुक्लागंज छोर पर पिलर पायलिंग का काम करीब डेढ़ से दो महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा है।



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