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हरदा कोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म और हत्या के मामले में आरोपी दीपक गौर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी पर कुल 1 लाख 60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अभियोजन के उपनिदेशक हरिशंकर यादव ने बताया कि यह घटना 17 अप्रैल 2023 की है। 17 साल 11 महीने की एक किशोरी मंदिर जाने की बात कहकर घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। उसकी मां ने छीपाबड़ थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। दो दिन बाद, 19 अप्रैल को पुलिस को छोटी छीपानेर-चीचोट स्थित नर्मदा पुल के नीचे पत्थर पर किशोरी का शव मिला। जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज के आधार पर किशोरी के घर से शव मिलने वाली जगह तक का रूट चार्ट तैयार किया गया। फुटेज में किशोरी आरोपी दीपक गौर के साथ मोटरसाइकिल पर जाती दिखी। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। आरोपी के किशोरी के साथ प्रेम संबंध थे। उसने शादी का झांसा देकर किशोरी से दुष्कर्म किया था। जब किशोरी ने शादी के लिए दबाव बनाया, तो आरोपी ने उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई। आरोपी उसे छीपानेर-चीचोट कुटी के पास ले गया। वहां उसने स्कार्फ से उसका गला घोंटकर हत्या कर दी। घटना को आत्महत्या दिखाने की कोशिश में आरोपी ने किशोरी के पैर की एड़ी पर पत्थर से वार किया, ताकि लगे कि वह पुल से गिरकर मरी है। पुलिस ने जांच पूरी कर कोर्ट में चार्जशीट पेश की। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 30 गवाहों के बयान दर्ज कराए। सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल सहित वैज्ञानिक सबूत भी कोर्ट में पेश किए गए। कोर्ट ने सभी सबूतों और वैज्ञानिक प्रमाणों से सहमत होते हुए आरोपी दीपक गौर को दोषी पाया। उसे धारा 302 (हत्या) में आजीवन कारावास और 1 लाख रुपये जुर्माना, धारा 376 (दुष्कर्म) में आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माना, और धारा 201 (साक्ष्य मिटाना) में 3 साल कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। इस मामले में जिला अभियोजन अधिकारी ए.आर. रोहित के मार्गदर्शन में एडीपीओ विनोद कुमार अहिरवार और तत्कालीन एडीपीओ जतिन दुबे ने पैरवी की।
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नाबालिग से दुष्कर्म-हत्या के दोषी को आजीवन कारावास:हरदा कोर्ट ने 1 लाख 60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया
