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Ganesh Chaturthi 2026 | Ujjain Shubh Muhurat, Puja Vidhi & Chandra Darshan


मोहित राठौर। उज्जैन25 मिनट पहले

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शास्त्रों के अनुसार, गणेश चतुर्थी पर चंद्र दर्शन नहीं करना चाहिए।  - Dainik Bhaskar

शास्त्रों के अनुसार, गणेश चतुर्थी पर चंद्र दर्शन नहीं करना चाहिए।

मध्य प्रदेश में 14 सितंबर को सौभाग्य और समृद्धि का त्योहार हरतालिका तीज मनाया जाएगा। इसी दिन गणेश चतुर्थी भी है। तृतीया युक्त चतुर्थी का ये धार्मिक संयोग विशेष माना गया है।

हरतालिका तीज पर पूजन-व्रत कर महिलाएं सुख-सौभाग्य और पति की दीर्घायु की कामना करेंगी। वहीं, चतुर्थी से 10 दिवसीय गणेशोत्सव की शुरुआत होगी।

ज्योतिषाचार्य पंडित अमर डिब्बावाला ने बताया कि चतुर्थी पर पार्थिव गणेश की स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 11.30 बजे है। इस बार गणेश स्थापना ब्रह्म योग में होगी। शुभ मुहूर्त में मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमा की स्थापना कर पूजा करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति की मान्यता है। साथ ही माना जाता है कि गणेश चतुर्थी को चंद्र दर्शन नहीं करना चाहिए।

अभीष्ट सिद्धि के लिए विशेष साधना का समय

धर्मशास्त्रीय मत के अनुसार, इन 10 दिन में भगवान गणेश के 10 स्वरूपों की साधना की जा सकती है। प्रतिदिन 21 दूर्वा और मोदक अर्पित करते हुए गणेशजी के 10 नामों का क्रम से उच्चारण करने की परंपरा है। ये नाम हैं- गणाधिप, उमापुत्र, अघनाशन, विनायक, ईशपुत्र, सर्वसिद्धिप्रदायक, एकदंत, इभवक्र, मूषकवाहन, कुमारगुरु।

वहीं, जिनके विवाह या दूसरे मांगलिक कामों में बाधा आ रही है, वे गणेश सहस्रनाम स्तोत्र का पाठ कर हवन-अनुष्ठान करें।

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