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हिमाचल प्रदेश के मंडी मंडल के सहेली गांव में सर्पदंश से दो मासूम बच्चों की मौत पर सदर विधायक अनिल शर्मा ने दुख व्यक्त किया है। विधायक ने बताया कि वह पिछले चार दिनों से किसी काम से दिल्ली में हैं, जहां उन्हें घटना की जानकारी मिली। उन्होंने फोन पर पीड़ित परिवार से बात कर संवेदना जताई और हरसंभव सहायता का भरोसा दिया। विधायक ने मंडी के अस्पताल अधीक्षक से पूरी घटना की जानकारी ली। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, परिवार दोनों बच्चों को सुबह करीब पांच बजे अस्पताल लेकर पहुंचा था। जबकि सर्पदंश की घटना दो से तीन घंटे पहले हो चुकी थी। बच्चों को एंटी-वेनम दिया गया। इसके बाद परिजन उन्हें अस्पताल से बिना रेफर करवाए खुद ही मेडिकल कॉलेज नेरचौक ले गए, जहां दोनों की मौत हो गई। स्वास्थ्य व्यवस्था को चिंताजनक बताया अनिल शर्मा ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को चिंताजनक बताया और कहा कि वह विधानसभा में कई बार स्वास्थ्य सुविधाओं के मुद्दे उठा चुके हैं। उनके प्रयासों के बाद क्षेत्रीय अस्पताल मंडी में गायनी विशेषज्ञ ने काम करना शुरू कर दिया है। शिशु रोग विशेषज्ञ की तैनाती भी हो चुकी है, जो सोमवार से काम संभालेंगे। ग्रामीणों से पैसे इकट्ठे कर दी मदद विधायक ने आरोप लगाया कि दो छुट्टियों के कारण सरकारी राहत राशि समय पर परिवार तक नहीं पहुंच पाई। उनके मुताबिक, पटवारी के कहने पर पंचायत प्रधान और उपप्रधान ने ग्रामीणों से पैसे इकट्ठे कर परिवार को तुरंत मदद दी। आरोप है कि कांग्रेस नेत्री ने यह राशि वापस लेने को कहा, ताकि वह खुद परिवार को सहायता दे सकें। राहत राशि में राजनीति नहीं होनी चाहिए अनिल शर्मा ने इसे संवेदनहीनता बताया और कहा कि राहत राशि प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत दी जाती है, इसमें राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दुख के समय में राजनीति करने के बजाय सभी को पीड़ित परिवार का साथ देना चाहिए। अगर कांग्रेस नेत्री को सहायता करनी थी, तो वह अपनी तरफ से मदद कर सकती थीं।
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मंडी में सर्पदंश से दो मासूमों की मौत:विधायक ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठाए सवाल; हरसंभव मदद का दिया भरोसा
