![]()
ईडी की ओर से पंजाब के डीजीपी को भेजे गए पत्र पर कार्रवाई को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में करीब ढाई घंटे तक सुनवाई हुई। इस दौरान पंजाब सरकार और ईडी की ओर से अपनी-अपनी दलीलें रखी गईं। सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। कोर्ट ने कहा कि अगर किसी पक्ष के पास कोई अतिरिक्त तथ्य या दलील है तो उसे आज लिखित रूप में पेश किया जा सकता है। आज की सुनवाई में पंजाब सरकार ने पहले याचिका की सुनवाई योग्य होने पर ही सवाल उठाया। सरकार की ओर से याचिका की मेंटेनेबिलिटी पर आपत्ति जताई गई। इसके बाद सरकार ने अदालत से तीन सप्ताह का समय मांगा। सरकार ने कहा कि इस दौरान कानून के मुताबिक जरूरी कार्रवाई की जाएगी और इसकी रिपोर्ट हाईकोर्ट में दाखिल कर दी जाएगी। मई में छापे-गिरफ्तारियों के बाद जुलाई में भेजी सामग्री पंजाब सरकार की ओर से कार्रवाई के लिए सामग्री मिलने में देरी का मुद्दा उठाए जाने पर ईडी ने इसका विरोध किया। ईडी ने अदालत में कहा कि मई में छापेमारी और गिरफ्तारियां होने के बाद संबंधित दस्तावेज और जांच से जुड़ी सामग्री जुलाई में ही पंजाब के डीजीपी कार्यालय को ई-मेल के जरिए भेज दी गई थी। ईडी ने कहा कि केवल ई-मेल के जरिए ही सामग्री उपलब्ध नहीं कराई गई, बल्कि बाद में यही सामग्री बाय हैंड भी डीजीपी कार्यालय को दी गई। इसके बावजूद पंजाब पुलिस की ओर से कार्रवाई नहीं की गई। ED का सवाल- FIR दर्ज किए बिना आगे कार्रवाई कैसे होगी? ईडी ने अदालत में सवाल उठाया कि जब जांच में सामने आई सामग्री पुलिस को उपलब्ध करा दी गई थी तो कार्रवाई क्यों नहीं की गई। ईडी ने यह भी सवाल किया कि यदि FIR ही दर्ज नहीं की जाती है तो आगे की कार्रवाई किस आधार पर होगी। ईडी का कहना था कि मई में छापेमारी और गिरफ्तारियों के बाद कार्रवाई के लिए जरूरी सामग्री उपलब्ध कराने में उसकी ओर से देरी नहीं की गई थी। जुलाई में डीजीपी कार्यालय को सामग्री भेजने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर ईडी ने पंजाब सरकार के रुख पर सवाल उठाया। हाईकोर्ट ने भी ED से कार्रवाई में देरी पर पूछा सवाल सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने भी मई में हुई छापेमारी और गिरफ्तारियों के बाद कार्रवाई में देरी को लेकर से सवाल किया। कोर्ट ने पूछा कि मई में कार्रवाई होने के बाद मामले को आगे बढ़ाने में इतना समय क्यों लगा। इस पर मामले में दोनों पक्षों की ओर से अपनी दलीलें रखी गईं। करीब ढाई घंटे तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। हाईकोर्ट ने कहा कि यदि किसी पक्ष के पास कोई अतिरिक्त तथ्य या दलील है तो वह मंगलवार को लिखित रूप में अदालत के सामने रख सकता है। इसके बाद मामले में अदालत का फैसला आने की उम्मीद है। फिलहाल पंजाब सरकार की ओर से तीन सप्ताह का समय मांगा गया है। सरकार का कहना है कि इस दौरान कानून के मुताबिक कार्रवाई कर रिपोर्ट अदालत में पेश की जाएगी, जबकि ईडी का कहना है कि कार्रवाई के लिए जरूरी सामग्री पहले ही पंजाब डीजीपीस कार्यालय को उपलब्ध कराई जा चुकी थी।
Source link
ED बोली- DGP कार्यालय को जुलाई में सामग्री भेजी:हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा, पंजाब सरकार ने 3 हफ्ते का समय मांगा
