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दशकों से लंबित किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना पर संबंधित राज्यों के बीच हुए समझौते को हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी ने प्रदेश के लिए एक ‘ऐतिहासिक उपलब्धि’ करार दिया है। सीएम ने कहा कि संवाद, सहयोग और आपसी सहमति के माध्यम से वर्षों पुराने इस विषय को सुलझाया गया है, जिससे न केवल प्रदेश की वर्तमान जरूरतें पूरी होंगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी जल सुरक्षा सुनिश्चित होगी। हरियाणा का वैध हिस्सा 48 प्रतिशत ऐतिहासिक समझौते का रास्ता साफ होने पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल का विशेष रूप से धन्यवाद व्यक्त किया। सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा कि यमुना नदी के जल में हरियाणा का वैध हिस्सा 48 प्रतिशत है, इसलिए जब भी ऊपरी क्षेत्रों में जल भंडारण क्षमता या पानी की उपलब्धता बढ़ेगी, उसका सबसे बड़ा फायदा हरियाणा प्रदेश को मिलेगा। जल्द शुरू होने जा रहा काम उन्होंने बताया कि यमुना बेसिन पर रेणुका जी और लखवार परियोजनाएं पहले से ही निर्माणाधीन हैं। अब किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना पर भी जल्द ही काम शुरू होने जा रहा है। इन तीनों महत्वपूर्ण परियोजनाओं के पूरा होने पर हरियाणा के पानी का कुल शेयर बढ़कर लगभग 1143 MCM हो जाएगा। पहल से सुलझा दशकों पुराना विवाद सीएम ने कहा कि वर्षों से लंबित किशाऊ परियोजना को आगे बढ़ाने में केंद्र सरकार का मार्गदर्शन सराहनीय रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सक्रियता और पहल से ही सभी हितधारक राज्यों के बीच सहमति की राह सुगम हो सकी। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने लगातार राज्यों और संबंधित मंत्रालयों/विभागों के साथ तालमेल बिठाकर काम किया, जिससे इस महत्वाकांक्षी परियोजना को गति मिली है। सीएम ने अंत में दोहराया कि हरियाणा सरकार प्रदेश के हर खेत और हर घर तक पानी पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है और किशाऊ परियोजना का समझौता इस दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।
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हरियाणा को मिलेगा 1,280 क्यूसेक अतिरिक्त पानी:यमुना जल समझौता, 6 राज्यों के बीच बनी सहमति; जल सुरक्षा होगी सुनिश्चित
