Headlines

From space missions to health tech, Ranchi engineers are making their mark, providing employment to the youth.



आज इंजीनियर्स डे है। यह मौका इंजीनियरों की प्रतिभा को याद करने का है। बीआईटी मेसरा और एनआईएएमटी जैसे संस्थानों से निकले इंजीनियर आज इसरो की उन्नत सैटेलाइट तकनीक से लेकर केंद्र सरकार के डिजिटल सिस्टम, मल्टीनेशनल सॉफ्टवेयर कंपनियों और अत्याधुनिक रिसर्च

.

डॉ चंद्र प्रकाश के बनाए सिस्टम से ट्रैक हो रहे प्लेन

डॉ. चंद्र प्रकाश वर्तमान में इसरो (अंतरिक्ष उपयोग केंद्र, अहमदाबाद) में एडवांस सैटकॉम एंड नवकॉम टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट ग्रुप के डायरेक्टर हैं। मुजफ्फरपुर में जन्मे डॉ. प्रकाश ने बीआईटी मेसरा से बीई करने के बाद आईआईएससी बेंगलुरु से एमटेक और वायरलेस कम्युनिकेशन में पीएचडी की ​है।

प्रमुख उपलब्धियां :

  • भारतीय तटीय सीमा में 1 लाख से अधिक नावों और जहाजों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग व आपातकालीन संचार के लिए ‘वेसल कम्युनिकेशन सपोर्ट सिस्टम’ विकसित किया।
  • भारतीय रेलवे के 10,500 से अधिक इंजनों की ट्रैकिंग के लिए ‘रियल-टाइम ट्रेन इंफॉर्मेशन सिस्टम’ तैयार करने में निर्णायक भूमिका निभाई।
  • यात्री विमानों की सुरक्षित ट्रैकिंग के लिए ‘नाविक’ आधारित सेटेलाइट कम्युनिकेशन प्रणाली बनाई।

भविष्य के प्रोजेक्ट्स : वर्तमान में वे अंतरिक्ष आधारित ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम, गैर-स्थलीय 6G नेटवर्क, क्वांटम संचार और ‘गगनयान क्रू कम्युनिकेशन’ जैसी रणनीतिक तकनीकों पर काम कर रहे हैं।

सुमित झा की कंपनी में झारखंड के युवा पा रहे जॉब

बीआईटी मेसरा से 1998 में इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग पास आउट सुमित झा ने 14 वर्षों तक कॉर्पोरेट जगत में काम करने के बाद 2012 में केवल 5-6 लोगों के साथ अपनी सॉफ्टवेयर कंपनी की नींव रखी थी। उनकी कंपनी हर साल बीआईटी मेसरा कैंपस से झारखंड के प्रतिभाशाली युवाओं को सीधे जॉब ऑफर कर रही है।

  • कंपनी का विस्तार : आज इस कंपनी में 450 से अधिक प्रोफेशनल्स कार्यरत हैं। नोएडा के अलावा अमेरिका में भी कंपनी के कार्यालय हैं।
  • रक्षा और स्वास्थ्य में बड़ा योगदान : कंपनी केंद्र सरकार के रक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण सॉफ्टवेयर विकसित करती है। कोविड काल में देश भर के अस्पतालों में बेड, वेंटिलेटर, स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर और उनकी उपलब्धता ट्रैक करने वाला सिस्टम सुमित की कंपनी ने ही तैयार किया था।

लोकल टैलेंट को प्राथमिकता : सुमित बताते हैं कि अब सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट में एआई व ऑटोमेशन का तेजी से उपयोग हो रहा है। उनकी कंपनी हेल्थकेयर व मैन्युफैक्चरिंग जैसे सेक्टर्स के लिए एआई सॉल्यूशंस बना रही है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *