पठानकोट-अमृतसर नेशनल हाईवे पर लेटे संत समाज के लोग।
पठानकोट में आज (15 सितंबर) संतों ने पठानकोट-अमृतसर नेशनल हाईवे जाम कर दिया। अखवाना इंडस्ट्रियल ग्रोथ सेंटर में एक बूचड़खाने को बंद करवाने की मांग को लेकर वे सड़क पर लेट गए। इस दौरान करीब साढ़े 3 घंटे हाईवे बंद रहा।
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प्रदर्शनकारियों में जिले की रामलीला कमेटियों, कीर्तन मंडलियों, मंदिर कमेटियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े सनातनी हिंदू शामिल थे। उनकी एक ही मांग थी कि इस बूचड़खाने को बंद किया जाए, क्योंकि इसमें गो-हत्या की जा रही है।
इससे पहले सभी प्रदर्शनकारी डीसी दफ्तर में पहुंचे थे। डीसी उनसे मिलने बाहर नहीं आईं तो प्रदर्शनकारी सीढ़ियों पर ही लेट गए और नारेबाजी करने लगे। इसके बाद भी जब डीसी उनसे मिलने नहीं आईं तो प्रदर्शनकारियों ने हाईवे जाम कर दिया।
इससे पठानकोट-अमृतसर नेशनल हाईवे पर दोनों तरफ करीब 1 किलोमीटर लंबी वाहनों की लाइनें लग गईं। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पठानकोट में अवैध बूचड़खाने, गो-तस्करी और गो-हत्या को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
साथ ही संतों ने चेतावनी दी कि अगर पुलिस और प्रशासन कार्रवाई नहीं करेंगे तो संत खुद बूचड़खाने की ओर कूच करेंगे, गो-तस्करों को पीटेंगे और बूचड़खाने में अंदर जाने वाली गाड़ियों में आग लगा देंगे। इसकी जिम्मेदारी पुलिस और प्रशासन की होगी। हालांकि, शाम करीब साढ़े 5 बजे ADC अर्शदीप सिंह को मांगपत्र देने संतों ने धरना खत्म कर दिया।

DC दफ्तर की सीढ़ियों पर रोष जताते विभिन्न संगठनों के लोग।
DC दफ्तर की सीढ़ियों पर लेटे प्रदर्शनकारी
जानकारी के अनुसार, विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल के सदस्यों समेत कई संगठनों के लोग मंगलवार को डीसी दफ्तर का घेराव करने पहुंचे थे। उन्होंने डीसी दफ्तर में पहुंचने के साथ ही नारेबाजी शुरू कर दी। इसके साथ ही डीसी से मिलने को कहा।
प्रदर्शनकारियों ने डीसी दफ्तर के अंदर जाने का प्रयास किया तो पुलिस ने उन्हें रोक लिया, जिसके बाद पुलिस के साथ प्रदर्शनकारियों की तीखी बहस भी हुई। इसके बाद पुलिसकर्मी ने उनसे कहा कि कोई एक व्यक्ति अंदर जाकर अपना मांगपत्र डीसी को सौंप दे।
इससे सभी संत भड़क गए। इसी दौरान प्रदर्शनकारी दफ्तर की सीढ़ियों पर ही लेट गए और जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। हालांकि, इसके बाद भी डीसी पल्लवी अपने कार्यालय से बाहर नहीं निकलीं। इससे संत समाज के लोग और नाराज हो गए।

सीढ़ियों पर लेटकर रोष जताते विभिन्न संगठनों के लोग।
राहगीरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा
विश्व हिंदू परिषद के जिला सहमंत्री एडवोकेट रमन ठाकुर और बजरंग दल के जिला संयोजक विशाल चौहान सहित अन्य लोगों ने कहा था कि अब वे यहां मांग पत्र नहीं सौंपेंगे। इसके बाद सर्वसम्मति से फैसला किया गया कि नेशनल हाईवे को बंद किया जाएगा। वहीं प्रशासनिक अधिकारी को मांग पत्र सौंपा जाएगा।
इसके बाद सभी प्रदर्शनकारी डीसी दफ्तर से निकलकर नेशनल हाईवे पर धरना लगाकर बैठ गए। कई लोग सड़क पर जाकर लेट गए। बड़ी संख्या में लोगों ने नारेबाजी की। इससे राहगीरों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
प्रशासन को दी हिंसा भरी चेतावनी
VHP नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने समय रहते इस मामले में ठोस कार्रवाई नहीं की तो समस्त हिंदू समाज अखवाना इंडस्ट्रियल ग्रोथ सेंटर स्थित बूचड़खाने की ओर सीधे कूच करेगा। इस दौरान यदि स्थिति बिगड़ने से कोई नुकसान होता है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी पठानकोट प्रशासन और डिप्टी कमिश्नर की होगी।
सड़क पर लेटे संत समाज के लोगों ने कहा कि अगर प्रसाशन ने बूचड़खाना बंद नहीं करवाया तो वे खुद इस दिशा में काम करेंगे। वे बूचड़खाने के अंदर जाने वाली गाड़ियों को आग लगा देंगे और गौ-मांस की तस्करी में जुटे लोगों से मारपीट होगी।
पशु पालन विभाग के डायरेक्टर बोले- बूचड़खाना पहले से बंद
वहीं, पठानकोट में पशु पालन विभाग के डायरेक्टर विजय कुमार ने कहा कि अखवाना इंडस्ट्रियल ग्रोथ सेंटर में बूचड़खाने ने लाइसेंस लिया जरूर है, लेकिन उसकी अभी कई औपचारिकताएं बाकी हैं। इसके चलते उसमें स्लॉटरिंग का काम शुरू नहीं हुआ।
उन्होंने कहा कि अभी तक वहां कोई जानवर नहीं लाया गया है और न ही काटा गया है। फिर भी अगर लोगों के आरोप हैं तो वहां जाकर चेक करेंगे। कल सुबह पहुंच कर मामले की पूरी जानकारी ली जाएगी।
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