![]()
गुरदासपुर शहर के काहनोवन रोड पर उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब हलाल मीट की बिक्री को लेकर निहंग सिंह दो मीट की दुकानों के बाहर एकत्र हो गए। विवाद की मुख्य वजह दुकानदारों द्वारा अपनी दुकानों के बाहर यह स्पष्ट न लिखना था कि वहां ‘हलाल’ मीट बेचा जा रहा है। पंथ अकाली गुरु नानक दल मरियांवाला के बाबा सलविंदर सिंह की अगुवाई में पहुंचे निहंग सिंहों ने कहा कि सिख और हिंदू धर्म में हलाल मीट खाने की सख्त मनाही है। उन्होंने तर्क दिया कि संबंधित इलाके में मुस्लिम आबादी बेहद कम है, फिर भी वहां हलाल मीट बेचा जा रहा था। निहंगों का कहना था कि इस्लाम के अलावा अन्य धर्मों में हलाल मीट की अनुमति नहीं है, इसलिए ऐसी दुकानें यहां नहीं खोली जानी चाहिए। अगर कोई दुकान चला भी रहा है, तो उसे बाहर स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए ताकि ग्राहक भ्रमित न हों। दुकानदारों के बोर्ड लगाने पर राजी होने से टला विवाद निहंग सिंहों ने दोनों मीट दुकानदारों को सख्त निर्देश दिए कि वे अपनी दुकानों के बाहर साफ शब्दों में बोर्ड लगाएं कि “यहां हलाल मीट बेचा जाता है”, ताकि हर व्यक्ति अपनी धार्मिक आस्था के अनुसार ही खरीदारी करे। दुकानदारों द्वारा निहंगों की इस मांग को तुरंत स्वीकार करने और बोर्ड लगाने की सहमति देने के बाद मामला शांत हुआ और निहंग सिंह वहां से वापस लौटे।
Source link
गुरदासपुर में हलाल मीट की दुकान पर विवाद:दुकान पर सूचना न लिखे होने पर निहंग सिंह ने जताई आपत्ति, बोर्ड लगाने को कहा
