![]()
हजारीबाग नगर निगम क्षेत्र में पिछले छह दिनों से कूड़ा उठाव नहीं होने से शहर की सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। गली-मोहल्लों से लेकर प्रमुख बाजारों तक जगह-जगह कूड़े का ढेर लगा है। कचरा जमा होने से बदबू फैल रही है, जिससे स्थानीय लोगों और दुकानदारों को परेशानी हो रही है। त्योहारों का सीजन शुरू होने के बावजूद सफाई व्यवस्था ठप रहने से लोगों में नाराजगी है। लोगों ने नगर निगम प्रशासन से जल्द कूड़ा उठाव शुरू कराने और शहर की सफाई व्यवस्था सामान्य करने की मांग की है। सब्जी-फल मंडी में हालात ज्यादा खराब शहर की सबसे बड़ी सब्जी और फल मंडी में कई दिनों से कूड़ा नहीं उठने के कारण स्थिति और खराब हो गई है। मंडी के कई हिस्सों में कचरे का ढेर लगा हुआ है। यहां आने वाले दुकानदारों और ग्राहकों को बदबू के बीच खरीदारी करनी पड़ रही है। दुकानदारों का कहना है कि गंदगी के कारण ग्राहक उनकी दुकानों तक आने से बच रहे हैं। त्योहार के दौरान बिक्री बढ़ने की उम्मीद थी, लेकिन सफाई की समस्या के कारण कारोबार प्रभावित हो रहा है। मेयर से सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग स्थानीय लोगों ने नगर निगम प्रशासन के साथ महापौर अरविंद राणा से भी समस्या का तत्काल समाधान करने की अपील की है। कुछ लोगों ने महापौर के चुनावी वादों का जिक्र करते हुए नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के दावे किए गए थे, लेकिन वर्तमान स्थिति में उसका असर नजर नहीं आ रहा है। लोगों का कहना है कि त्योहारों के दौरान शहर में भीड़ बढ़ने वाली है, ऐसे में जल्द सफाई नहीं हुई तो परेशानी और बढ़ सकती है। कंपनी की लापरवाही बदतर हुए हालात मेयर अरविंद राणा ने बताया कि शहर से कूड़ा उठाने की जिम्मेदारी नगर निगम ने एक कंपनी को 20 साल के लिए दी है। उनके अनुसार कूड़ा नहीं उठने की मौजूदा समस्या कंपनी की लापरवाही के कारण उत्पन्न हुई है। उन्होंने बताया कि शहर का कूड़ा पहले मंडई गांव भेजकर निस्तारित किया जाता था, लेकिन वहां ग्रामीणों के विरोध के बाद कूड़ा ठिकाने लगाने में परेशानी हो रही है। फिलहाल निगम के पास तत्काल कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है। हालांकि समस्या के समाधान के लिए प्रयास जारी है। जल्द कूड़ा उठाव व सफाई व्यवस्था सामान्य करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
Source link
हजारीबाग में 6 दिन से नहीं उठा कूड़ा:सब्जी-फल मंडी में बदबू से दुकानदार-ग्राहक परेशान, कंपनी की लापरवाही बदतर हुए हालात
