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अमेरिका ने 3 साल में पहली बार बढ़ाई ब्याज दरें:0.25% बढ़कर 4% पहुंची, ट्रंप बोले- रेट्स तुरंत कम करो; 10 सवालों में समझें इसका असर




अमेरिका के केंद्रीय बैंक ‘फेडरल रिजर्व’ ने 3 साल में पहली बार बढ़ाई ब्याज दरें बढ़ाई है। केंद्रीय बैंक ने देश में बढ़ती महंगाई को कम करने के लिए यह कदम उठाया है। अब अमेरिका में ब्याज दर बढ़कर 3.75% से 4.00% के बीच पहुंच गई है। फेडरल कमेटी के सभी 12 सदस्यों ने सर्वसम्मति से ब्याज दरों में 0.25% की बढ़ोतरी का यह फैसला लिया। फेडरल रिजर्व के इस फैसला पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि “अमेरिका में ब्याज दरें 1% या उससे कम होनी चाहिए। हम दुनिया के लगभग हर देश को ‘संभाल’ रहे हैं, और यह अब और नहीं चल सकता। अमेरिका के लिए ब्याज दरें कम करो, और तेजी से करो!” सवाल 1. अमेरिकी फेड रिजर्व ने ब्याज दरों में बढ़ोतरी का फैसला क्यों लिया? जवाब: अमेरिकी फेड रिजर्व का मकसद महंगाई दर 2% के लक्ष्य तक बनाए रखना है। बीते महीने अमेरिका में महंगाई दर 3.4% पर पहुंच गई। महंगाई पर काबू पाने और इसे 2% के लक्ष्य तक वापस लाने के लिए फेड को ब्याज दरें बढ़ानी पड़ीं। सवाल 2. अमेरिका में अचानक महंगाई बढ़ने की मुख्य वजहें क्या हैं? जवाब: अमेरिका में महंगाई बढ़ने के पीछे तीन मुख्य कारण हैं: सवाल 3. इस फैसले पर अमेरिकी फेड चेयरमैन केविन वॉर्श का क्या कहना है? जवाब: फेड चेयरमैन केविन वॉर्श ने पत्रकारों से कहा, “साफ और सीधी बात यह है कि महंगाई बहुत ज्यादा बनी हुई है और यह काफी लंबे समय से उच्च स्तर पर है।” उन्होंने कहा कि बुधवार की यह बढ़ोतरी समिति के 2% महंगाई लक्ष्य को समय पर हासिल करने में मदद करेगी। सवाल 4. इस ब्याज दर बढ़ोतरी का अमेरिकी आम नागरिकों पर क्या सीधा असर पड़ेगा? जवाब: इस फैसले का सीधा असर अमेरिकी उपभोक्ताओं पर पड़ेगा: सवाल 5. अमेरिकी बिजनेस पर ब्याज दरें बढ़ने का क्या असर पड़ेगा? जवाब: जब फेड इंटरेस्ट रेट बढ़ाता है, तो बाजारों में कंज्यूमर डिमांड कम हो जाती है। लोग खरीदारी और निवेश टालते हैं। इससे अमेरिकी व्यवसायों की बिक्री प्रभावित हो सकती है। सवाल 6. इस फैसले का अमेरिकी मिडटर्म चुनावों पर क्या असर हो सकता है? जवाब: यह फैसला राष्ट्रपति ट्रम्प और उनकी रिपब्लिकन पार्टी के लिए बेहद गलत वक्त पर आया है। नवंबर में अमेरिका में मिडटर्म चुनाव होने हैं। यानी, 50 दिन से भी कम समय बचा है। यह चुनाव तय करेंगे कि अमेरिकी कांग्रेस (संसद) पर रिपब्लिकन का कब्जा रहेगा या डेमोक्रेट्स का। महंगाई और महंगे कर्ज से परेशान वोटर चुनाव में अपनी भड़ास निकाल सकते हैं। सवाल 7. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और फेड चेयरमैन के बीच क्या विवाद रहा है? जवाब: ट्रम्प हमेशा से कम ब्याज दरों के समर्थक रहे हैं। इसे लेकर फेड के पूर्व चेयरमैन जेरोम पॉवेल से उनका विवाद चलता रहा था। मई में पॉवेल का कार्यकाल खत्म होने पर ट्रम्प ने अपने मनपसंद केविन वॉर्श को फेड चेयरमैन बनाया था, इस उम्मीद में कि वे दरें कम करेंगे। आयरलैंड यात्रा में ट्रम्प ने कहा था कि “अमेरिका में दुनिया की सबसे कम ब्याज दरें होनी चाहिए।” हालांकि, चेयरमैन बनने के बाद वॉर्श ने दरें बढ़ा दीं। जब पत्रकारों ने वॉर्श से ट्रम्प के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति के साथ हुई बातचीत पर मेरे पास कहने के लिए कुछ नहीं है।” सवाल 8. ब्याज दर बढ़ने के बाद डोनाल्ड ट्रम्प ने क्या कहा? जवाब: फैसले के लगभग तीन घंटे बाद डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा: अमेरिका दुनिया का सबसे भरोसेमंद और कर्ज चुकाने में सबसे सक्षम देश है। चूंकि अमेरिका पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को संभाल रहा है और मदद दे रहा है, इसलिए फेडरल रिजर्व को देश के लोगों के लिए ब्याज दरें घटाकर तुरंत 1% या उससे भी कम कर देनी चाहिए, ताकि हर किसी को बहुत आसानी से और सस्ता लोन मिल सके। सवाल 9. भविष्य में ब्याज दरों को लेकर फेड का क्या अनुमान या आउटलुक है? जवाब: फेड सदस्यों ने संकेत दिए हैं कि 2026 के अंत तक दरों में 0.25% की एक और बढ़ोतरी की जा सकती है। इसके अलावा, फेड का अनुमान है कि ये बढ़ी हुई ब्याज दरें साल 2027 तक इसी स्तर पर बनी रह सकती हैं, ताकि महंगाई को पूरी तरह नियंत्रित किया जा सके। नॉलेज बॉक्स: क्या होता है ‘फेडरल रिजर्व’ और इसका भारत पर असर?



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