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करौली के बरखेड़ा स्थित भोमिया बाबा मंदिर में वार्षिक जात का आयोजन श्रद्धा और आस्था के साथ हुआ। यह मंदिर जिला मुख्यालय के कैला देवी रोड के पास है। राजस्थान के कई जिलों और दूसरे राज्यों से काफी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। उन्होंने भोमिया बाबा, कारिस बाबा और बजरंगबली महाराज के दर्शन किए। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-शांति और खुशहाली की कामना की। इस दौरान मंदिर परिसर में दिनभर भक्तों का आना-जाना लगा रहा। पंगत प्रसादी का भी इंतजाम किया गया था। वार्षिक जात के मौके पर सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था। लोगों ने मंदिर में धोक लगाई और भोमिया बाबा, कारिस बाबा और बजरंगबली महाराज के दर्शन किए। श्रद्धालुओं ने अपनी धार्मिक मान्यताओं के हिसाब से पूजा-अर्चना की। उन्होंने परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना भी की। स्थानीय मान्यता के अनुसार लोग जहरीले कीड़ों के काटने जैसी परेशानियों से राहत पाने के लिए मंदिर आते हैं। वार्षिक जात के दौरान कुछ श्रद्धालुओं ने अपनी धार्मिक मान्यताओं के अनुसार परंपराएं भी निभाईं। मंदिर के मुख्य भगत रामसिंह माली ने श्रद्धालुओं की आस्था के मुताबिक इन धार्मिक परंपराओं को पूरा करवाया। मंदिर में कई बीमारियों से राहत मिलने को लेकर भी स्थानीय मान्यताएं हैं। हालांकि, इन मान्यताओं को डॉक्टरी इलाज का विकल्प नहीं मानना चाहिए। बीमारी होने पर डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है। इस आयोजन के दौरान मंदिर परिसर में पंगत प्रसादी का इंतजाम किया गया था। काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने पंगत में बैठकर प्रसादी खाई। कई सेवाभावी लोगों ने श्रद्धालुओं की सेवा और प्रसादी बांटने में मदद की। इस आयोजन में हजारी भगत, लक्खी, रूपा, भगवती, गुलाब, पन्नूसिंह, धर्मी, टुंडा, जयलाल ठेकेदार, रामदयाल, रामसिंह सरपंच और ढड़ौली समेत बस्ती के लोगों ने सहयोग किया। पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल में डूबा रहा। श्रद्धालुओं ने भोमिया बाबा, कारिस देव और बजरंगबली महाराज के जयकारे लगाए।
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बरखेड़ा के भोमिया बाबा मंदिर पर जात में उमड़ा जनसैलाब:दूर-दूर से पहुंचे श्रद्धालु, धार्मिक मान्यताओं के अनुसार निभाई परंपरा
