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डूंगरपुर जिले के बांसिया गांव में मां जगदंबा की भक्ति का अनोखा नजारा दिखा। यहां ‘आरासुरी पद यात्रा संघ बांसिया’ के श्रद्धालु 21 साल से पैदल अंबाजी जा रहे थे। इस बार पहली बार वे माताजी के दिव्य रथ के साथ गुजरात के प्रसिद्ध शक्तिपीठ अंबाजी के लिए रवाना हुए। रथ के गांव पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने एक बड़ी शोभायात्रा निकाली। फूलों और झालरों से सजे रथ को देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। उन्होंने ‘जय मां अंबे’ और ‘बोल श्री अंबे मात की जय’ के जयकारे लगाए। पूरे गांव में भजनों के बीच जगह-जगह फूल बरसाकर रथ का स्वागत किया गया। 51 श्रद्धालुओं का दल हुआ रवाना
इसके बाद 51 पदयात्रियों का दल रथ के साथ अंबाजी धाम के लिए रवाना हुआ। गांव की सीमा से बाहर निकलने पर यात्रियों ने कल्याण धाम और हनुमान मंदिर में दर्शन किए। उन्होंने शक्तिपीठ की ओर अपने कदम बढ़ा दिए। संघ के प्रतिनिधियों ने बताया कि यह पदयात्रा कई पड़ावों से होते हुए 24 सितंबर को अंबाजी धाम पहुंचेगी। वहां सभी श्रद्धालु मां अंबे के मुख्य दरबार में दर्शन करेंगे। वे बांसिया और पूरे चौरासी क्षेत्र की खुशहाली, सुख-समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करेंगे। इसके बाद मंदिर के शिखर पर गाजे-बाजे के साथ पवित्र ध्वजा फहराई जाएगी।
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मां अंबे का दिव्य रथ देखने उमड़े लोग:बांसिया से पहली बार रथ के साथ रवाना हुई पैदल यात्रा, 21 साल की परंपरा को मिला नया रूप
