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झांसी में एक महिला ने छोटे बेटे के जेल जाने से दुखी होकर फांसी लगा ली। वह घर पर अकेली थी। पति और बड़ा बेटा काम पर गए थे। जब बड़ा बेटा काम से लौटकर आया तो मां कमरे में फंदे पर लटकी हुई थी। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पूरा मामला बरुआसागर कस्बे का है। पड़ोसी से हो गया था झगड़ा मृतका का नाम विमला कुशवाहा (50) पत्नी रामप्रसाद कुशवाहा था। वह बरुआसागर कस्बे के नौनाखेड़ा मोहल्ले की रहने वाली थी। मृतका के भाई रामस्वरूप कुशवाहा ने बताया कि मेरी बहन विमला के दो बेटी रिंकी (32), क्रांति (24) और दो बेटे मनीष (27) व बलराम (22) हैं। रिंकी और मनीष की शादी हो चुकी है। लगभग 11 महीने पहले पड़ोसी से झगड़ा हो गया था। इसमें इलाज के दौरान पड़ोसी की मौत हो गई थी। पुलिस ने बेटे बलराम को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। तब से वह जेल में बंद था। बेटे के लिए परेशान रहती थी भाई रामस्वरूप ने आगे बताया कि मेरी बहन विमला अपने बेटे बलराम को लेकर बहुत परेशान रहती थी। जब भी वह जेल में मुलाकात करने जाती थी तो रोटी थी। वह बेटे बलराम को लेकर परेशान रहती थी।
कुछ दिन पहले बेटी क्रांति अपने मामा के घर बबीना गई थी। घर पर बहन, उसका पति रामप्रसाद और बेटा मनीष थे। शुक्रवार को बेटा और पति काम पर चले गए। बहन विमला घर पर अकेली थी। उसने फांसी लगा ली।
शाम लगभग 7 बजे बेटा मनीष काम से लौटा तो कुंडी अंदर से बंद थी। काफी देर तक वह आवाज लगाता रहा, जब कोई रिस्पांश नहीं मिला तो पड़ोसी से घर से अपने घर पहुंचा। तब अंदर मां फंदे पर लटकी थी। यह देखकर बेटे की चीख निकल गई। तब आस पास के लोग एकत्र हो गए। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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झांसी में बेटा जेल में, मां ने किया सुसाइड:मर्डर केस में 11 महीना से जेल में बंद है, भाई बोला दुखी होकर फांसी लगाई
