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राधा अष्टमी पर राधारानी का पंचामृत से महाभिषेक:इटावा के वृंदावन धाम मंदिर में धूमधाम से मना पर्व, दर्शन को उमड़े श्रद्धालु




इटावा शहर के वृंदावन धाम स्थित राधाबल्लभ मंदिर में शनिवार सुबह 10 बजे राधा अष्टमी का पर्व श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। बरसाने धाम की परंपरा के अनुसार राधारानी के विग्रह का पांच मन दूध-दही से तैयार पंचामृत से महाभिषेक किया गया। इस दौरान मंदिर परिसर ‘जय-जय श्री राधे’ और ‘राधाबल्लभ लाल’ के जयघोष से गूंजता रहा। राधारानी के प्राकट्य दिवस में शामिल होने के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं का मंदिर पहुंचना शुरू हो गया था। राधा अष्टमी की तैयारियां श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के बाद से ही शुरू कर दी गई थीं। मंदिर में विशेष सजावट की गई। मुख्य द्वार से लेकर पूरे परिसर को विभिन्न प्रकार के फूलों से सजाया गया।
गर्भगृह में हुआ पूजन-अर्चन ठाकुर जी के चरण सेवक गोपाल प्रकाश चंद्र गोस्वामी, वृंदावन धाम से आए योगेश महाराज, चंद्र प्रकाश गोस्वामी और जयपुर के प्रथम शर्मा ने गर्भगृह में राधारानी का पूजन-अर्चन किया। इसके बाद पंचामृत से राधारानी के विग्रह का महाभिषेक कराया गया। अभिषेक के दौरान मंदिर घंटे और घड़ियालों की गूंज से गुंजायमान रहा। महाआरती के बाद बांटा प्रसाद राधारानी के विग्रह के महाभिषेक के बाद दोपहर करीब दो बजे महाआरती की गई। इसके बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। राधारानी के प्राकट्य दिवस को लेकर मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे और भक्तों ने विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया।
बधाई गीतों पर थिरकीं महिला श्रद्धालु भजन गायक बलवीर पांडेय, हित आशीष और हित प्रदीप ने बधाई गीत प्रस्तुत किए। गीतों पर महिला श्रद्धालु जमकर थिरकीं। राधारानी के प्राकट्य की खुशी में फल, फूल, मेवा, टॉफी और लड्डू की लुटाई भी की गई। महिला श्रद्धालुओं और बच्चों ने उत्साह के साथ प्रसाद स्वरूप इन्हें प्राप्त किया।
छप्पन भोग से सजा मंदिर ब्रज की परंपरा के अनुसार भगवान श्री राधाबल्लभ लाल महाराज, राधारानी और श्री लालजू को छप्पन भोग अर्पित किया गया। मंदिर में बनाए गए फूल बंगले से पूरा वातावरण सुगंधित हो उठा। फूलों की सजावट और आकर्षक श्रृंगार से मंदिर परिसर का नजारा मनमोहक हो गया। देर रात तक उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ फूल बंगला, विशेष श्रृंगार और छप्पन भोग के दर्शन के लिए देर रात तक श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिर में बनी रही। राधा अष्टमी पर बरसाना धाम नहीं पहुंच पाने वाले श्रद्धालुओं ने वृंदावन धाम स्थित राधाबल्लभ मंदिर में ही राधारानी के प्राकट्य उत्सव का आनंद लिया।



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