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कुरुक्षेत्र जिले के पिहोवा में गुरप्रीत सिंह का परिवार शव सड़क पर रखकर 7 घंटे तक मेन चौक पर डटा रहा। रात DSP पिहोवा के आश्वासन के बाद जाम खोलने पर राजी हुए। इससे पहले पुलिस ने परिवार से बातचीत कर कई बार जाम खुलवाने की कोशिश की। लेकिन परिवार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद गुरप्रीत का संस्कार करने की मांग पर अड़ा रहा। फिर DSP रणधीर सिंह ने करीब 11 बजे परिवार से 2 दिन का समय मांगा। मंगलवार तक की मोहलत देकर गिरफ्तारी के आश्वासन के बाद परिवार जाम खोलने पर राजी हुआ। आनन-फानन में LOC भी जारी की गई पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए CIA और थाना पुलिस की टीमें लगा दीं। पुलिस आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। आरोपियों के देश से बाहर भागने से रोकने के लिए पुलिस ने आनन-फानन में उनकी LOC भी जारी कर दी। हालांकि अभी आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। बोले- आरोपी कब पकड़े जाएंगे पोस्टमॉर्ट के बाद शाम करीब 4 बजे गुरप्रीत का परिवार पिहोवा मेन चौक इकट्ठा हो गया। गिरफ्तारी ना होने से गुस्साए परिवार ने चौक पर जाम लगा दिया। कुछ देर बाद एंबुलेंस के साथ गुरप्रीत का शव मेन चौक पर लाया गया। देखते ही देखते परिवार ने शव को एंबुलेंस से निकाल कर सड़क पर रख दिया गया। परिवार की महिलाएं शव के पास बैठ गईं। इसके बाद लोगों ने सड़क पर बैठकर जाम लगा दिया। मांग कि हमला करने वाले आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। जब तक गिरफ्तारी नहीं होगी, अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। जाम के कारण मेन चौक पर दोनों तरफ ट्रैफिक रुक गया। तब पुलिस ने शहर की तरफ आने वाले ट्रैफिक को डायवर्ट किया। आरोप- आरोपी राजनीतिक परिवार से जुड़े परिवार ने आरोप लगाया कि हमले के आरोपियों में एक BJP चेयरमैन का भतीजा है। इसी वजह से पुलिस कार्रवाई में देरी हो रही है। घटना के 5 दिन बाद भी पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया। 15 सितंबर को केस दर्ज करने के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।छ 2 दिन की मोहलत पर खुला जाम रात करीब 11 बजे DSP रणधीर सिंह फिर परिवार से बातचीत करने के लिए आए। उन्होंने परिवार से बातचीत की। परिवार आरोपियों की गिरफ्तारी पर अड़ा रहा। DSP ने आरोपियों को पकड़ने के लिए 2 दिन का समय मांगा। इस आश्वासन के बाद परिवार जाम खोलने पर राजी हुआ। आज गुरप्रीत का अंतिम संस्कार किया जाएगा। 14 को शुरू हुआ विवाद गुरप्रीत सिंह की मौत के पीछे 14 सितंबर की रात पिहोवा मेन बाजार में हुआ विवाद है। गगनदीप सिंह ने बताया कि वह अपने दोस्त अभिषेक के साथ इनोवा कार से बाजार जा रहा था। पिहोवा चौक पर उसका ताऊ का बेटा गुरप्रीत भी कार में बैठ गया। इसी दौरान सफेद फॉर्च्यूनर कार उनकी कार के आगे आ गई। बताया कि फॉर्च्यूनर सवारों ने रास्ता रोकते हुए कार को आगे नहीं जाने दिया और गाली-गलौज की। कुछ दूरी पर फॉर्च्यूनर रोक दी गई। गगनदीप ने भी अपनी कार रोककर विवाद का कारण पूछा। तभी कर्ण पंडित तलवार लेकर कार से उतरा और गगनदीप पर हमला कर दिया। दूसरे आरोपी ने भी डंडे से उसके सिर पर वार किया। 5 दिन बाद अस्पताल में मौत हमले के बाद दोनों घायलों को अस्पताल ले जाया गया। गगनदीप का इलाज LNJP अस्पताल में हुआ। गुरप्रीत की हालत गंभीर होने के कारण उसे रेफर कर दिया गया। बाद में कुरुक्षेत्र के निजी अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था। शनिवार को इलाज के दौरान गुरप्रीत ने दम तोड़ दिया। गुरप्रीत का उसी दिन जन्मदिन था, 2018 में की थी लव मैरिज गुरप्रीत स्यालकोटी फार्म का रहने वाला था। वह PVC लगाने का काम करता था। वर्ष 2018 में उसने कंचन के साथ लव मैरिज की थी। उसका 5 साल का बेटा सरताज है। उसके पिता टैक्सी चलाते हैं। 14 सितंबर को जिस दिन उस पर हमला हुआ, उसी दिन उसका जन्मदिन भी था। कल पुलिस ने पहले से दर्ज केस में हत्या की धारा भी जोड़ दी है।
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सात घंटे बाद DSP के आश्वासन पर खुला जाम:मंगलवार तक की मोहलत; आज होगा गुरप्रीत का संस्कार, कुरुक्षेत्र में शव सड़क पर रखकर बैठे थे
