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सतना में नाबालिग किशोर से दुराचार के मामले में पॉक्सो एक्ट की विशेष अदालत ने आरोपी रावेन्द्र सेन को अंतिम सांस तक कारावास की सजा सुनाई है। स्पेशल जज अमर सिंह सिसोदिया की अदालत ने आरोपी रावेन्द्र सेन निवासी कांसा, थाना देहात को भारतीय दंड संहिता की धारा 377 और पॉक्सो एक्ट की धारा 5/6 के तहत दोषी माना। उसे 20 हजार रुपए के जुर्माने से भी दंडित किया गया। अदालत ने पीड़ित को 2 लाख रुपए प्रतिकर राशि देने का आदेश भी दिया है। इस मामले में राज्य की ओर से उपनिदेशक शेख वसीम और सहायक निदेशक ज्योति जैन के मार्गदर्शन में विशेष लोक अभियोजक एवं एडीपीओ अनूप गुप्ता ने पैरवी की। अभियोजन पक्ष के अनुसार, पीड़ित नाबालिग एक स्थानीय स्कूल के हॉस्टल में पढ़ाई करता था। 24 अगस्त 2023 को पेट दर्द के कारण वह स्कूल नहीं गया और हॉस्टल में ही रुका हुआ था। इसी दौरान आरोपी रावेन्द्र सेन वहां पहुंचा और उसके साथ दुराचार किया। फोन पर माता-पिता को जानकारी दी
घटना के बाद पीड़ित ने फोन पर अपने माता-पिता को इसकी जानकारी दी। इसके बाद परिजन के साथ कोलगवां थाने पहुंचकर रिपोर्ट लिखाई गई। पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया। जांच पूरी करने के बाद आरोप पत्र अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने घटना को साबित करने के लिए डीएनए जांच कराई। डॉ. कमलेश कैथोलिया ने जांच के बाद डीएनए रिपोर्ट प्रस्तुत की। अदालत ने मामले में पेश किए गए सबूतों और डीएनए रिपोर्ट को देखने के बाद आरोपी को दोषी माना और उसे अंतिम सांस तक कारावास, जुर्माने और पीड़ित को प्रतिकर राशि देने की सजा सुनाई।
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नाबालिग से दुराचार के दोषी को अंतिम सांस तक कारावास:सतना में पॉक्सो कोर्ट ने 20 हजार जुर्माना लगाया, पीड़ित को ₹2 लाख प्रतिकर का आदेश
