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हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव इन दिनों सुर्खियों में हैं। इसका कारण है उनके लिए लगाए जा रहे भावी सीएम के नारे। एक दिन पहले उनके पिता राव इंद्रजीत के राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी माने जाने वाले मंत्री राव नरबीर के पैतृक गांव बूढ़पुर में भावी सीएम बनाने के नारे लगाए गए थे। सोमवार को मंत्री आरती राव महेंद्रगढ़ जिले के गांवों के दौरों पर पहुंचीं तो एक बार फिर उनके सामने यहीं बात दोहराई गई। मीडिया ने जब इस पर सवाल किया तो मंत्री मुस्कुराते हुए बोलीं- यह प्यार है लोगों का। मैंने पहले भी कहा है कि यह भाजपा हाईकमान पर है कि कौन -किसको मुख्यमंत्री बनाती है। मैं यह भी कहूंगी कि अभी-अभी दो साल ही हुए हैं मेरे इस राजनीति में। थोड़ा सा और मुझे एक्सपीरियंस भी होना चाहिए। लोगों का प्यार है, तो ये थोड़े से बह जाते हैं उस प्यार में। उधर, मंत्री राव नरबीर के समर्थकों ने इस पर सवाल उठाया है। नरबीर के समर्थक गांव बूढ़पुर निवासी हरेंद्र यादव ने तो यहां तक कह दिया कि यह स्वागत मजाक सा लगता है। आरती राव हो या इंद्रजीत राव, दोनों में से कोई ये दावा कर दें कि ने ₹2 लाख बूढ़पुर में दिए हों, 10-12 गांव हैं हमारे पास, वहां कोई मदद की हो। सब समय का खेल है। हवा बनती है और यह जीत जाते हैं। कल और आज आरती राव ने भावी सीएम के नारों पर ये कहा… मंत्री नरबीर के समर्थक ने उठाए ये सवाल मंत्री राव नरबीर के गांव बूढ़पुर निवासी समर्थक हरेंद्र यादव ने एक मीडिया चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा कि बहन आरती राव बूढ़पुर आई और अगर आप स्वागत कर रहे हो, तो यह मजाक सा लगता है। राव इंद्रजीत सिंह बूढ़पुर में दो-तीन बार आए। अगर आज तक आरती राव या राव इंद्रजीत ने ₹2 लाख बूढ़पुर में दिए हों, कोई दावा नहीं कर सकता। यह जनता को गुमराह करते हैं। इनको पता है कि हमारे पास यहां टीम नहीं है। सब समय का खेल है। हवा बनती है और यह जीत जाते हैं। राव इंद्रजीत का इसमें रोल कहां है? आरती राव का गांव में आना स्वागत नहीं था, एक भू-माफियाओं का टोला था। अगर पांच गांव की पंचायत ने बहन आरती राव को माला डाली हो, पांच सरपंच अगर गांव के कोई वहां पर आए हों, तो हम उसको स्वागत मानेंगे। ऐसा राव इंद्रजीत का कोई समर्थक बताओ जो सामाजिक काम कर रहा हो। राव इंद्रजीत और राव नरबीर में पुरानी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता राव इंद्रजीत को हराकर जीते थे पहला चुनाव राव नरबीर और राव इंद्रजीत दोनों भाजपा में हैं, लेकिन दोनों के बीच राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता पुरानी है। 1987 में जाटूसाना विधानसभा सीट पर राव नरबीर ने राव इंद्रजीत को हराकर चुनाव जीता था। करीब 10 महीने पहले एक चैनल के कार्यक्रम में कहा था कि नरबीर भ्रष्टाचार के आरोपों में जेल में रहा है। इस पर पलटवार करते हुए मंत्री नरबीर सिंह ने गुरुग्राम में पार्टी ऑफिस में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था- मेरा तो राजनीतिक जीवन ही राव इंद्रजीत को हरा कर शुरू हुआ है। तब मैं 26 साल का था। दोनों का बड़ा सियासी बैकग्राउंड राव इंद्रजीत के पिता राव बीरेंद्र सिंह हरियाणा के दूसरे मुख्यमंत्री बने थे। उनकी गिनती इंदिरा गांधी के करीबियों में होती थी। उन्होंने अपनी हरियाणा विशाल पार्टी का कांग्रेस में विलय किया था। राव इंद्रजीत उन्हीं की सियासी लीगेसी को बढ़ा रहे हैं। राव इंद्रजीत 6 बार के सांसद हैं। दूसरी तरफ राव नरबीर के दादा राव मोहर सिंह आजादी से पहले MLC रहे हैं। उनके पिता महाबीर सिंह मंत्री रहे। राव नरबीर खुद 4 बार विधायक बने हैं और चारों बार मंत्री बने। वह जाटूसाना, सोहना और बादशाहपुर से विधायक बने हैं। ——————— ये खबर भी पढ़ें… मंत्री नरबीर के गांव में ‘आरती भावी CM’ के नारे:रेवाड़ी में बोलीं- मौका मिला तो खरा उतरूंगी, लंबी पारी खेलने आई BJP में रेवाड़ी AIIMS के श्रेय को लेकर शुरू हुई कन्ट्रोवर्सी मंत्री आरती राव के सीएम बनने के नारों तक पहुंच गई। पिता राव इंद्रजीत के राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी माने जाने वाले मंत्री राव नरबीर के पैतृक गांव बूढ़पुर में आरती राव का भव्य स्वागत हुआ। (पूरी खबर पढ़ें)
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भावी-सीएम के नारों पर आरती राव बोलीं-यह लोगों का प्यार:महेंद्रगढ़ में कहा-थोड़े से बह जाते हैं प्यार में; मंत्री नरबीर समर्थक का जवाब-मजाक लगता है
