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चित्रसेन सैनी के नाम का बोर्ड शरारती तत्वों ने उखाड़ा:झज्जर रेलवे लाइन के लिए परिवार समेत किया था लंबा संघर्ष, सैनी समाज में आक्रोष, डीसी को ज्ञापन देकर कार्यवाही की मांग करेगा समाज




झज्जर रेलवे स्टेशन पर स्वर्गीय चित्रसेन सैनी के नाम से लगाया गया साइन बोर्ड शरारती तत्वों द्वारा उखाड़े जाने का मामला सामने आया है। लंबे समय से बोर्ड के उखाड़े जान के बाद सैनी समाज में आक्रोश है। समाज के लोगों का कहना है कि यह महज एक साइन बोर्ड नहीं, बल्कि झज्जर को रेलवे लाइन से जोड़ने के लिए किए गए चित्रसेन सैनी के संघर्ष और योगदान की पहचान है। ऐसे में बोर्ड का उखाड़ना गंभीर विषय है। स्थानीय लोगों के अनुसार, झज्जर को रेलवे लाइन से जोड़ने की मांग को लेकर स्वर्गीय चित्रसेन सैनी ने लंबे समय तक संघर्ष किया था। बताया जाता है कि उन्होंने सरकारी नौकरी की भी परवाह नहीं की और अपनी पत्नी व बच्चों के साथ धरने पर बैठकर रेलवे लाइन की मांग उठाई। उनके संघर्ष और योगदान को देखते हुए सैनी समाज तथा शहरवासियों की मांग पर रेलवे स्टेशन परिसर में उनके नाम का साइन बोर्ड लगाया गया था। बोर्ड उखड़ा मिला तो समाज में बढ़ा आक्रोश अब स्टेशन परिसर में लगा चित्रसेन सैनी के नाम वाला बोर्ड उखड़ा हुआ है। सैनी समाज के लोगों का आरोप है कि शरारती तत्वों ने बोर्ड को उखाड़ा है। समाज के लोगों ने कहा कि ऐसे लोगों की पहचान कर कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी महापुरुष या समाज के सम्मान से जुड़े प्रतीक के साथ इस तरह की हरकत न हो। डीसी को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग सैनी समाज के प्रधान रघुवीर सिंह सैनी ने कहा कि चित्रसेन सैनी ने झज्जर को रेलवे से जोड़ने के लिए अपना जीवन संघर्ष में लगाया। उनके नाम का बोर्ड उखाड़ा जाना समाज की भावनाओं से जुड़ा मामला है। समाज जल्द ही DC को ज्ञापन सौंपकर बोर्ड दोबारा सम्मानपूर्वक लगवाने और इसे उखाड़ने वाले शरारती तत्वों की पहचान कर कार्रवाई की मांग करेगा। एडवोकेट अनिल सैनी ने कहा कि चित्रसेन सैनी का रेलवे लाइन के लिए किया गया संघर्ष झज्जर के इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उनके नाम से लगाया गया बोर्ड उनके योगदान की याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि बोर्ड लंबे समय से उखड़ा पड़ा है, इसलिए प्रशासन को मामले की जांच करवाकर इसे दोबारा लगवाना चाहिए। एडवोकेट अमित सैनी ने कहा कि रेलवे स्टेशन पर लगा बोर्ड चित्रसेन सैनी के संघर्ष और योगदान का सम्मान था। इसे उखाड़ना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सैनी समाज इस मामले को लेकर जल्द जिला उपायुक्त को ज्ञापन देगा और बोर्ड दोबारा लगवाने के साथ जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग करेगा। समाज के लोगों ने कहा कि जिन लोगों ने झज्जर को रेलवे से जोड़ने के लिए संघर्ष किया, उनके योगदान को सम्मान देना शहर की जिम्मेदारी है। इसलिए प्रशासन को मामले का संज्ञान लेकर बोर्ड को जल्द दोबारा लगवाने के साथ शरारती तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।



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