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किशनगंज में कोशी स्नातक MLC चुनाव को लेकर निषेधाज्ञा लागू:5 से ज्यादा लोगों के जुटने पर रोक; रैली-सभा के लिए अनुमति जरूरी, रात में लाउडस्पीकर बंद




किशनगंज जिले में बिहार विधान परिषद के कोशी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र-2026 को लेकर निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। चुनावी प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही BNSS की धारा-163 के तहत सहायक निर्वाची पदाधिकारी सह जिला दंडाधिकारी नवीन कुमार ने आदेश जारी किया है। शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए जिले में कई तरह की पाबंदियां लगाई गई हैं। हथियार लेकर चलने पर रोक आदेश के अनुसार, शांति भंग करने के इरादे से पांच या उससे ज्यादा लोग एक जगह जमा नहीं हो सकेंगे। आग्नेयास्त्र, लाठी, भाला, तीर-धनुष, गंडासा, ईंट-पत्थर या किसी अन्य घातक वस्तु को लेकर चलने पर भी रोक रहेगी। हालांकि पारंपरिक रूप से हथियार रखने वाले समुदायों, चुनाव ड्यूटी में तैनात अधिकारियों और लाइसेंसधारी लोगों को इससे छूट दी गई है। रैली और प्रदर्शन के लिए लेनी होगी अनुमति प्रशासन के मुताबिक, कोई राजनीतिक दल, संगठन या व्यक्ति मतदाताओं को डराने-धमकाने या किसी तरह का लालच देने का प्रयास नहीं कर सकता। जुलूस, धरना, रैली और प्रदर्शन के लिए पहले से अनुमति लेना जरूरी होगा। धार्मिक स्थलों का राजनीतिक इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। धार्मिक भावनाएं भड़काने वाले भाषण, पोस्टर, पंपलेट और बैनर पर भी कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री पर रोक व्हाट्सएप, फेसबुक, एक्स और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आदर्श आचार संहिता के खिलाफ या आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने पर रोक रहेगी। लाउडस्पीकर के इस्तेमाल के लिए भी अनुमति लेनी होगी। रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर बजाने पर पूरी तरह रोक रहेगी। 22 सितंबर से लागू हुई आचार संहिता निर्वाचन विभाग के अनुसार, भारत निर्वाचन आयोग ने 22 सितंबर 2026 को कोशी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव का प्रेस नोट जारी किया था। इसके साथ ही आदर्श आचार संहिता लागू हो गई थी। प्रशासन का कहना है कि चुनाव के दौरान जनसभाओं, जुलूसों और राजनीतिक गतिविधियों से मतदाताओं पर दबाव या सामाजिक तनाव की स्थिति बन सकती है। इसी को देखते हुए निषेधाज्ञा लागू की गई है। शादी-बारात और शवयात्रा को छूट प्रशासन ने सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को निर्वाचन आयोग की आदर्श आचार संहिता और दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा है। हालांकि पूर्व अनुमति प्राप्त सभाओं और जुलूसों, शादी-बारात, शवयात्रा, हाट-बाजार तथा ड्यूटी पर तैनात सरकारी कर्मियों और पुलिस बल पर यह आदेश लागू नहीं होगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।



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