भोपाल के इसी बौद्ध मठ के पते से जारी हुए थे पासपोर्ट।
भोपाल में बांग्लादेशी नागरिकों को फर्जी दस्तावेजों के जरिए भारतीय पासपोर्ट दिलाने वाले नेटवर्क की जांच में एसटीएफ अब तक 75 आरोपियों को चिह्नित कर चुकी है।
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इनमें बांग्लादेशी नागरिकों के साथ फर्जी दस्तावेज, पते और गवाह उपलब्ध कराने वाले लोग शामिल हैं। 19 आरोपी अभी फरार हैं। इन पर 20-20 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया है।
फरार आरोपियों में डबरा का गुलाब राय समेत दो, भोपाल के 14 और बैतूल के तीन आरोपी शामिल हैं।
एसटीएफ डीआईजी राहुल लोढ़ा के मुताबिक, आरोपियों ने भोपाल, बैतूल, छिंदवाड़ा, डबरा और पाहुर्ना के मठों के पते का इस्तेमाल कर पासपोर्ट बनवाए। जांच में कुछ अफसरों और कर्मचारियों की मदद से पासपोर्ट तैयार होने की बात भी सामने आई है। अब पासपोर्ट सेवा केंद्र से जुड़े अधिकारी-कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
70 में से 50 पासपोर्ट में तीन ही गवाह
जांच में सामने आया कि करीब 70 फर्जी पासपोर्ट में से 50 में गयाप्रसाद गौतम, गुलाब राय और रियाल चौधरी उर्फ भंते मेतानंद ही गवाह बने। ज्यादातर पासपोर्ट में इन्हीं के मोबाइल नंबर भी दर्ज मिले हैं। मठों के पते के बार-बार इस्तेमाल होने से इनकी भूमिका जांच के केंद्र में है।

शिविर में हुई थी गुलाब और भंते की मुलाकात
फरार आरोपी गुलाब राय की मुलाकात रियाल चौधरी से बैतूल के आमला में लगे शिविर में हुई थी। इसके बाद झांसी के शिविर में भी दोनों मिले। वर्ष 2022 में डबरा के आंबेडकर पार्क में लगे शिविर में गुलाब अपने साथियों के साथ पहुंचा था। बाद में बौद्ध धर्म के प्रचार के लिए विदेश जाने की बात सामने आई और इसी आधार पर पासपोर्ट बनवाए गए। एसटीएफ को उसके झांसी में होने की जानकारी मिली है।
छह राज्यों में तलाश
फरार आरोपियों के मध्यप्रदेश के अलावा असम, महाराष्ट्र, उत्तरप्रदेश, दिल्ली और पंजाब में छिपे होने की जानकारी मिली है। एसटीएफ की टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश की तैयारी कर रही हैं।

1994 में सरपंच, 2019 में ली बौद्ध दीक्षा
गयाप्रसाद गौतम बनवार का पूरा, चिनोर का रहने वाला है। वह 1994 में गांव का सरपंच रह चुका है। वर्ष 2019 में बौद्ध धर्म की दीक्षा लेने के बाद 2021-22 में डबरा के सिमरिया टेकरी स्थित आंबेडकर पार्क में भंते के रूप में रहने लगा। एसटीएफ ने उसे 23 सितंबर को गिरफ्तार किया।
भोपाल से सबसे ज्यादा मामले
एसटीएफ ने भोपाल के अन्नानगर से 40, डबरा से 17, बैतूल के आमला बौद्ध मठ से 11 और छिंदवाड़ा-पाहुर्ना से दो फर्जी पासपोर्ट से जुड़े मामले चिह्नित किए हैं।
मामले में अब तक छह आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। 25 अगस्त को रियाल चौधरी, 7 सितंबर को विप्लब अधिकारी, 10 सितंबर को प्रियान रॉय और जॉय चौधरी, 18 सितंबर को नसीम अख्तर और 23 सितंबर को गयाप्रसाद गौतम गिरफ्तार किया गया।
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मठ के पते से बने 40+ पासपोर्ट…वेरिफिकेशन तक नहीं हुआ

मध्यप्रदेश में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भारतीय पासपोर्ट बनवाने के मामले की जांच अब डबरा से भोपाल तक पहुंच गई है। STF का दावा है कि भोपाल के गोविंदपुरा क्षेत्र स्थित अशोक बुद्ध विहार मठ के एक ही पते का इस्तेमाल 40+ पासपोर्ट बनवाने में हुआ। अब जांच एजेंसी यह पता कर रही है कि इतनी बड़ी संख्या में पासपोर्ट के लिए पुलिस वेरिफिकेशन किस तरह हुआ।पूरी खबर पढ़ें
