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गांव भाड़ावास में ग्रामीणों को स्वस्थ रखने के लिए बनाई गई ओपन जिम अब सवालों के घेरे में है। पंचायत ने जिस जगह पर यह जिम बनवाई है, वह गांव की श्मशान भूमि है। इतना ही नहीं, जिम के उपकरण उसी टीनशेड के नीचे लगाए गए हैं, जहां अंतिम संस्कार में शामिल होने वाले लोगों के बैठने की व्यवस्था थी। ऐसे में अंतिम संस्कार के दौरान यहां आने वाले लोगों को बैठने के लिए भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शाहजहांपुर रोड के किनारे गांव की करीब आधा एकड़ श्मशान भूमि है। यहां वर्षों से अंतिम संस्कार होते आ रहे हैं। परिसर में तीन टीनशेड हैं। इनमें से दो शेड अंतिम संस्कार के लिए और एक शेड लोगों के बैठने के लिए बनाया गया था। करीब चार माह पहले पंचायत ने इसी परिसर में ओपन जिम बनाने का काम शुरू कर दिया। जिम उपकरण लगाने के साथ परिसर में टाइल भी बिछाई गई। इस पूरे काम पर करीब 8 लाख रुपए खर्च होने की बात सामने आई है। गांव से बाहर होने के कारण ग्रामीण नहीं पहुंच रहे ओपन जिम का उद्देश्य ग्रामीणों को व्यायाम की सुविधा उपलब्ध कराना था, लेकिन श्मशान भूमि में बनाए जाने के कारण इसका इस्तेमाल बेहद कम हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जिम गांव के अंदर किसी सार्वजनिक स्थान पर बनाई जाती तो बच्चों और युवाओं के साथ अन्य ग्रामीण भी इसका इस्तेमाल कर सकते थे। वर्तमान जगह पर लोग व्यायाम करने जाने से ही परहेज कर रहे हैं। श्मशान घाट में फैली गंदगी, सफाई व्यवस्था भी सवालों में ओपन जिम के साथ श्मशान भूमि की सफाई व्यवस्था भी सवालों के घेरे में है। परिसर में जगह-जगह गंदगी और कचरा दिखाई देता है। ऐसे में अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत को जिम पर खर्च करने के साथ श्मशान घाट की नियमित साफ-सफाई और व्यवस्था पर भी ध्यान देना चाहिए। 450 वर्गगज जमीन की थी जरूरत गांव के सरपंच सुनील कुमार ने बताया कि के अनुसार, सरकार के निर्देशों के तहत गांवों में ओपन जिम बनाई जा रही हैं। इसके लिए करीब 450 वर्गगज जमीन की आवश्यकता थी। पंचायत के पास अन्य स्थानों पर इससे बड़ी जगह उपलब्ध नहीं थी। इसी वजह से श्मशान भूमि में जिम बनाने का निर्णय लिया गया। दूसरी जगह पर्याप्त जमीन उपलब्ध नहीं होने के कारण श्मशान भूमि में जिम बनवाई गई। हालांकि अब यह सवाल उठ रहा है कि यदि उपयुक्त स्थान उपलब्ध नहीं था तो ऐसी जगह पर करीब 8 लाख रुपए खर्च करना कितना उपयोगी रहा, जहां ग्रामीण इसका इस्तेमाल ही नहीं कर रहे हैं। अधिकारी बोले- मामला चेक करवाएंगे डीडीपीओ नरेंद्र सारनवान ने बताया कि श्मशान भूमि के अंदर ओपन जिम बनाए जाने की जानकारी मेरे संज्ञान में नहीं है। मामले को चेक करवाया जाएगा। इसके बाद नियमानुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी।
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रेवाड़ी में एक श्मशान में ओपन जिम,:अंतिम संस्कार के समय बैठने की जगह भी छिनी, 8 लाख रूपये से लगाई गई थी जिम
